SBI Cards and Payment Services ने अपने Q2 FY27 के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट साल-दर-साल आधार पर **75%** बढ़कर **₹778 करोड़** हो गया है, जिसका मुख्य श्रेय बेहतर एसेट क्वालिटी और क्रेडिट कॉस्ट में कमी को जाता है।
मुनाफे में दमदार रफ्तार
SBI Card ने चालू फाइनेंशियल ईयर की दूसरी तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी की ऑपरेटिंग रेवेन्यू 4% बढ़कर ₹5,141 करोड़ रही। सबसे बड़ी राहत की बात Gross NPA में 95 बेसिस पॉइंट्स की गिरावट है, जो अब घटकर 1.9% पर आ गया है। इस दौरान कंपनी ने ₹95,299 करोड़ का रिकॉर्ड रिटेल स्पेंड दर्ज किया है।
बिजनेस और ऑपरेशनल परफॉरमेंस
डिजिटल एडॉप्शन की दिशा में Google Pay Flex SBI Card जैसे नए प्रोडक्ट्स का रोलआउट कंपनी के लिए मददगार साबित हो रहा है। पहली छमाही में हुए कुल रिटेल स्पेंड में से 63% हिस्सा ऑनलाइन ट्रांजैक्शंस का रहा। इसके अलावा, कंपनी ने 10 लाख से ज्यादा नए अकाउंट्स जोड़कर अपनी मजबूत पकड़ बनाई है।
निवेशकों के लिए जोखिम और चुनौतियां
हालांकि नतीजे अच्छे हैं, लेकिन कंपनी की फंड कॉस्ट में 18 बेसिस पॉइंट्स का तिमाही उछाल आया है, जो नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIMs) पर दबाव बना रहा है। मैनेजमेंट ने सावधानी बरतते हुए ₹100 करोड़ का मैनेजमेंट ओवरले रखा है, ताकि भविष्य में ग्लोबल तनाव और महंगाई से होने वाले किसी भी झटके से बचा जा सके। फिलहाल कॉस्ट-टू-इनकम रेश्यो 58.7% है, जो कंपनी के तय दायरे में बना हुआ है।
आगे की राह
अब निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि फेस्टिव सीजन में रिटेल स्पेंड और रिसीवेबल्स में कितनी ग्रोथ आती है। कंपनी का फोकस अब अपनी फंडिंग कॉस्ट को ऑप्टिमाइज़ करने पर है, ताकि प्रॉफिट की इस रफ्तार को बरकरार रखा जा सके।
