SBFC Finance ने फाइनेंशियल ईयर 2027 की दूसरी तिमाही में दमदार प्रदर्शन किया है। कंपनी का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर **27%** बढ़कर **₹139 करोड़** पर पहुंच गया है, जिसके पीछे MSME लेंडिंग बिजनेस की अहम भूमिका रही है।
मुनाफे की रफ्तार और बिजनेस ग्रोथ
SBFC Finance के लिए यह लगातार 36वीं ऐसी तिमाही रही है, जिसमें कंपनी ने ग्रोथ दर्ज की है। कंपनी का टोटल एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) क्वार्टर-ऑन-क्वार्टर 6% बढ़कर ₹12,592 करोड़ हो गया है। कंपनी ने अपनी रणनीति में बदलाव करते हुए अब ज्यादा टिकट साइज वाले MSME लोन पर फोकस बढ़ाया है, जो अब कुल AUM का 77% हिस्सा है।
मजबूती के पिलर्स
कंपनी के ऑपरेटिंग खर्चों में सुधार हुआ है और यह गिरकर 4.07% पर आ गए हैं। इसके अलावा, कंपनी के पास ₹1,000 करोड़ से ज्यादा की सरप्लस लिक्विडिटी मौजूद है, जिससे फंड की लागत घटकर 8.41% रह गई है।
एसेट क्वालिटी और रिस्क
कंपनी की एसेट क्वालिटी स्थिर है और ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (GNPA) 2.64% पर बने हुए हैं। रिस्क मैनेजमेंट के तहत कंपनी ने लोन एसेट्स पर 2% का बफर मेंटेन किया हुआ है, जो इस सेक्टर में काफी मजबूत माना जाता है। क्रेडिट कॉस्ट में भी सुधार हुआ है, जो पिछले क्वार्टर के 1.45% से घटकर 1.37% पर आ गई है।
आगे की चुनौतियां
मैनेजमेंट ने गोल्ड लोन सेगमेंट में बढ़ती प्रतिस्पर्धा को लेकर सावधानी बरतने के संकेत दिए हैं। बड़े लेंडर्स की ओर से आ रहे प्राइस प्रेशर के कारण यील्ड्स पर दबाव दिख सकता है। निवेशकों की नजर अब इस बात पर है कि क्या कंपनी अपने स्प्रेड्स को 9% से 9.25% के टारगेट दायरे में बनाए रख पाती है या नहीं।
