India Ratings and Research ने SBFC Finance के आउटलुक को 'Stable' से बदलकर 'Positive' कर दिया है। कंपनी के मजबूत लोन पोर्टफोलियो और बेहतर कैपिटलाइजेशन को देखते हुए यह फैसला लिया गया है, हालांकि निवेशकों को नई लीडरशिप की स्थिरता पर नजर रखनी होगी।
रेटिंग में बदलाव के मायने
India Ratings and Research ने SBFC Finance के कुल ₹6,500 करोड़ के डेट फैसिलिटीज के लिए 'IND AA-' रेटिंग को बरकरार रखा है। इसके साथ ही, कंपनी की कर्ज लेने की क्षमता को देखते हुए ₹1,000 करोड़ की नई बैंक लोन सुविधाओं को भी 'IND AA-' रेटिंग दी गई है। आउटलुक को 'पॉजिटिव' करने का मतलब है कि अगर कंपनी अपना प्रदर्शन इसी तरह बनाए रखती है, तो भविष्य में रेटिंग अपग्रेड की संभावना बढ़ गई है।
कंपनी की तेज रफ्तार
SBFC Finance का फोकस लगातार अपनी पहुंच बढ़ाने पर रहा है। कंपनी के टेंजिबल एसेट्स FY25 में ₹8,330 करोड़ से बढ़कर 1QFY27 तक ₹12,720 करोड़ के स्तर पर पहुंच गए हैं। यह ग्रोथ कंपनी की डायवर्सिफाइड और सिक्योर लेंडिंग रणनीति का नतीजा है।
इन रिस्क पर रखें नजर
रेटिंग एजेंसी ने कुछ चुनौतियों की ओर भी इशारा किया है:
- मैनेजमेंट में बदलाव: FY26 और 1HFY27 के दौरान कंपनी में सीनियर मैनेजमेंट लेवल पर काफी बदलाव (Attrition) देखे गए हैं। हालांकि पद भर दिए गए हैं, लेकिन नई टीम की स्थिरता निवेशकों के लिए देखने वाली बात होगी।
- एसेट क्वालिटी: कंपनी का GNPA रेशियो 1QFY27 में 2.7% रहा है। साथ ही, कंपनी का डेट-टू-टेंजिबल इक्विटी रेशियो 2.5x है, जो इसके आक्रामक विस्तार को दर्शाता है।
