शेयरधारकों को सीधा फायदा
Rolex Rings ने ऐलान किया है कि वह 1 करोड़ इक्विटी शेयरों तक की खरीदारी ₹180 प्रति शेयर के भाव पर करेगी। इस पूरे बायबैक का कुल मूल्य ₹180 करोड़ होगा।
खास बात यह है कि इसमें छोटे शेयरधारकों (Small Shareholders) के लिए 15% शेयरों का कोटा रिजर्व रखा गया है। वहीं, कंपनी के प्रमोटर्स (Promoters) और प्रमोटर ग्रुप इस बायबैक में हिस्सा नहीं लेंगे।
क्यों कर रही है कंपनी बायबैक?
कंपनी का कहना है कि यह बायबैक अतिरिक्त नकदी (Surplus Cash) को शेयरधारकों तक पहुंचाने का एक जरिया है। जिन पैसों की भविष्य में कंपनी को कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capital Expenditure) या किसी अन्य निवेश के लिए जरूरत नहीं है, उसे शेयरधारकों को वापस दिया जा रहा है। शेयरों की कुल संख्या कम होने से कंपनी के प्रति शेयर आय (EPS) और इक्विटी पर रिटर्न (ROE) जैसे फाइनेंशियल रेश्यो में सुधार होने की उम्मीद है। कंपनी का अनुमान है कि बायबैक पूरी तरह सफल होने पर बेसिक और डाइल्यूटेड EPS ₹6.39 से बढ़कर ₹6.33 हो सकता है।
क्या है कंपनी की पिछली परफॉरमेंस?
यह बायबैक 31 मार्च, 2025 तक के कंपनी के फाइनेंशियल परफॉरमेंस के आधार पर तय किया गया है। बायबैक का साइज ₹180 करोड़ है, जो कंपनी की कुल पेड-अप इक्विटी शेयर कैपिटल और फ्री रिजर्व (Paid-up Equity Share Capital and Free Reserves) ₹881.24 करोड़ का 20.43% है।
कैसे होगा बायबैक?
यह बायबैक स्टॉक एक्सचेंज (Stock Exchange) के जरिए टेंडर ऑफर रूट (Tender Offer Route) से पूरा किया जाएगा। Equirus Capital Limited इस बायबैक का मैनेजर होगा, जबकि Crawford Bayley & Co. लीगल सलाहकार और MUFG Intime India Private Limited रजिस्ट्रार की भूमिका निभाएगा। बायबैक के लिए रिकॉर्ड डेट (Record Date) की घोषणा जल्द ही की जाएगी।
प्रमोटर्स के बाहर रहने से पब्लिक शेयरहोल्डर्स की हिस्सेदारी बढ़ने की संभावना है, क्योंकि कुल इक्विटी बेस कम हो जाएगा।
इन रिस्क पर रखें नजर
निवेशकों को एक ऑडिटेड ओपिनियन (Qualified Audit Opinion) और कंसोर्टियम बैंकों से ₹227.86 करोड़ के एक पेंडिंग डिमांड नोटिस (Pending Demand Notice) के बारे में पता होना चाहिए। हालांकि कंपनी ने इसके लिए ₹50.60 करोड़ का प्रोविजन किया है, लेकिन ऑडिटर इस पर अनिश्चितता जता रहे हैं। यह एक संभावित आकस्मिक देनदारी (Contingent Liability) है जिस पर निवेशकों को नजर रखनी चाहिए।
आगे क्या ट्रैक करें?
निवेशकों को बायबैक के लिए रिकॉर्ड डेट की घोषणा का इंतजार करना चाहिए। साथ ही, बैंक डिमांड नोटिस से जुड़े किसी भी डेवलपमेंट और उसके संभावित वित्तीय असर पर भी नजर रखनी होगी।
