Rolex Rings के निवेशकों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। कंपनी **₹180 करोड़** का शेयर बायबैक (Share Buyback) करने जा रही है, जिसमें हर शेयर **₹180** के भाव पर खरीदा जाएगा। अच्छी बात यह है कि प्रमोटर्स (Promoters) इस बायबैक में हिस्सा नहीं लेंगे, जिससे पब्लिक शेयरहोल्डर्स का हिस्सा बढ़ेगा। हालांकि, निवेशकों को कंपनी के गिरते रेवेन्यू और ऑडिटर की एक राय (Qualified Opinion) को भी ध्यान में रखना होगा, जो **₹227.86 करोड़** के बैंक नोटिस से जुड़ा है।
Rolex Rings का बड़ा बायबैक
Rolex Rings ने बाजार को चौंकाते हुए 1 करोड़ इक्विटी शेयरों को ₹180 प्रति शेयर के भाव पर वापस खरीदने की घोषणा की है। इस पूरे सौदे का मूल्य ₹180 करोड़ तक होगा। यह टेंडर ऑफर रूट (Tender Offer Route) के जरिए किया जाएगा और यह 9 जुलाई, 2026 से 15 जुलाई, 2026 तक खुला रहेगा। कंपनी ने 3 जुलाई, 2026 को रिकॉर्ड डेट (Record Date) तय किया है।
क्यों अहम है ये बायबैक?
यह बायबैक शेयरधारकों को अच्छी कीमत पर निकलने का मौका देता है। सबसे खास बात यह है कि कंपनी के प्रमोटर्स और प्रमोटर ग्रुप इस बायबैक में भाग नहीं लेंगे। यह पब्लिक शेयरहोल्डर्स के लिए एक बड़ा पॉजिटिव संकेत है, क्योंकि इससे बायबैक में उनके शेयरों का अनुपात बढ़ेगा और वे अपनी होल्डिंग का एक बड़ा हिस्सा बेच पाएंगे।
क्या हैं कंपनी के हालिया आंकड़े?
हालांकि, कंपनी के हालिया वित्तीय प्रदर्शन पर नज़र डालें तो कुछ चिंताएं नज़र आती हैं। कंपनी का रेवेन्यू (Revenue) थोड़ा गिरा है। फाइनेंशियल ईयर 24 (FY24) में जहां यह ₹1,221.76 करोड़ था, वहीं फाइनेंशियल ईयर 26 (FY26) में यह घटकर ₹1,143.50 करोड़ रह गया। इसी तरह, नेट प्रॉफिट (Net Profit) में भी उतार-चढ़ाव देखा गया है, जो FY25 में ₹174.00 करोड़ से घटकर FY26 में ₹141.10 करोड़ हो गया।
बायबैक से क्या बदलेगा?
कंपनी का लक्ष्य इस बायबैक के जरिए अतिरिक्त नकदी (Surplus Cash) शेयरधारकों को लौटाना और कंपनी की कैपिटल स्ट्रक्चर (Capital Structure) को बेहतर बनाना है। इक्विटी बेस को कम करके, मैनेजमेंट का मानना है कि रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) और अर्निंग्स पर शेयर (EPS) में सुधार होगा।
जोखिम जिन पर रखनी होगी नज़र
एक बड़ी चिंता कंपनी के स्टेट्यूटरी ऑडिटर (Statutory Auditor) की क्वालिफाइड राय (Qualified Opinion) है। यह ₹227.86 करोड़ के एक बैंक डिमांड नोटिस (Bank Demand Notice) से संबंधित है। Rolex Rings ने इसके लिए ₹50.60 करोड़ का प्रोविजन (Provision) किया है, लेकिन ऑडिटर बातचीत के नतीजों के आधार पर किसी भी संभावित समायोजन का पूरी तरह से आकलन नहीं कर पाए हैं। यह आकस्मिक देनदारी (Contingent Liability) एक बड़ा फैक्टर है जिस पर नज़र रखनी होगी।
आगे क्या देखें?
निवेशकों को बैंक डिमांड नोटिस से संबंधित बातचीत की प्रगति और कंपनी की गिरती रेवेन्यू को ठीक करने की रणनीति पर बारीकी से नज़र रखनी चाहिए। बायबैक से शेयरधारक मूल्य (Shareholder Value) में वृद्धि इन कारकों पर निर्भर करेगी।
