Rikhav Securities: मुनाफे में आई गिरावट, शेयर ट्रेडिंग के घाटे ने बिगाड़ा खेल

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Rikhav Securities: मुनाफे में आई गिरावट, शेयर ट्रेडिंग के घाटे ने बिगाड़ा खेल

Rikhav Securities का FY26 का स्टैंडअलोन प्रॉफिट घटकर **₹19 करोड़** रह गया है, जो पिछले साल **₹23.7 करोड़** था। कंपनी को मुख्य रूप से शेयर ट्रेडिंग में नुकसान और टेक्नोलॉजी निवेश के कारण डेप्रिसिएशन (depreciation) में बढ़ोतरी का सामना करना पड़ा है।

परफॉर्मेंस का लेखा-जोखा

कंपनी का रेवेन्यू ऑपरेशंस से बढ़कर ₹1,976 करोड़ के स्तर पर पहुंच गया है, जो पिछले साल ₹317.9 करोड़ था। हालांकि, टॉपलाइन में इस बड़ी उछाल के बावजूद नेट प्रॉफिट में गिरावट देखी गई। कंपनी ने बताया कि बाजार की अस्थिरता के कारण उसे शेयर ट्रेडिंग में ₹22.93 करोड़ का नुकसान झेलना पड़ा है।

क्यों नहीं मिला डिविडेंड?

प्रॉफिट पर दबाव और बिजनेस विस्तार की जरूरतों को देखते हुए कंपनी ने इस बार डिविडेंड न देने का फैसला लिया है। मैनेजमेंट अपना पूरा ध्यान वर्किंग कैपिटल और टेक्नोलॉजी अपग्रेड्स पर लगा रहा है।

नई रणनीति: स्टेबिलिटी पर फोकस

मैनेजमेंट अब सीधे मार्केट रिस्क से हटकर स्थिर आय स्रोतों पर ध्यान केंद्रित कर रहा है:

  • MTF (Margin Trading Facility): ब्याज आधारित आय को बढ़ाने पर जोर।
  • इंस्टीट्यूशनल बिजनेस: बैंकों और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) के साथ एम्पैनलमेंट का विस्तार।
  • टेक्नोलॉजी निवेश: कंपनी ने अपने 'Rikhav Plus' मोबाइल प्लेटफॉर्म और 'Meon' eKYC सिस्टम पर ₹5.40 करोड़ का निवेश किया है।

निवेशकों के लिए क्या हैं रिस्क?

कंपनी की अभी भी मार्केट में होने वाली ट्रेडिंग से होने वाले मुनाफे पर निर्भरता बनी हुई है, जो इसे बाजार के उतार-चढ़ाव के प्रति संवेदनशील बनाती है। भविष्य में MTF और संस्थागत आय कितनी तेजी से बढ़ती है, निवेशकों को इसी पर नजर रखनी चाहिए।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.