Repco Home Finance के दमदार नतीजे
Repco Home Finance Ltd. ने वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) की चौथी तिमाही और पूरे साल के नतीजे घोषित किए हैं। कंपनी ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त तिमाही के लिए ₹129 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछले साल की इसी अवधि के ₹125 करोड़ से मामूली बढ़ोतरी है। इस तिमाही में कंपनी की कुल आय भी ₹454 करोड़ रही, जो पिछले साल ₹425 करोड़ थी।
मुख्य वित्तीय आंकड़े और बिजनेस ग्रोथ
FY26 की चौथी तिमाही में, Repco Home Finance के लोन बिजनेस में जबरदस्त उछाल देखने को मिला। लोन सैंक्शन (Sanction) में 24.6% की बढ़ोतरी हुई और यह ₹1,320 करोड़ तक पहुंच गया। वहीं, लोन डिस्बर्समेंट (Disbursement) 21.6% बढ़कर ₹1,186 करोड़ रहा, जो Q4FY25 की तुलना में काफी बेहतर है। कंपनी ने अपनी एसेट क्वालिटी में भी सुधार दिखाया है, जिसमें ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (GNPA) सालाना आधार पर 3.26% से घटकर 2.55% हो गया है।
पूरे वित्तीय वर्ष FY26 के लिए, लोन सैंक्शन में 28% की वृद्धि दर्ज की गई और यह ₹4,519 करोड़ पर पहुंच गया। लोन डिस्बर्समेंट 26% बढ़कर ₹4,148 करोड़ रहा। नेट इंटरेस्ट इनकम (Net Interest Income) पूरे साल में 9% बढ़कर ₹812 करोड़ हो गई। हालांकि, प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में मामूली 1% की बढ़ोतरी हुई, जो FY26 में ₹453 करोड़ रहा, जबकि FY25 में यह ₹449 करोड़ था।
नतीजों का महत्व
ये नतीजे Repco Home Finance के लगातार बिजनेस विस्तार को दर्शाते हैं, जो लोन सैंक्शन और डिस्बर्समेंट में मजबूत ग्रोथ से जाहिर होता है। एसेट क्वालिटी में सुधार, GNPA और स्टेज-2 एसेट्स में कमी, बेहतर वित्तीय स्वास्थ्य और परिचालन दक्षता का संकेत देता है। भले ही पूरे साल के प्रॉफिट में मामूली बढ़ोतरी हुई हो, लेकिन बढ़ता लोन बुक और बढ़ती नेट इंटरेस्ट इनकम एक स्थिर बिजनेस की ओर इशारा करते हैं।
कंपनी की स्थिति
31 मार्च, 2026 तक, Repco Home Finance का कुल लोन बुक ₹15,880 करोड़ था। हाउसिंग लोन इसके पोर्टफोलियो का मुख्य हिस्सा है, जो 71% का योगदान देता है। कंपनी नॉन-सैलरीड सेगमेंट को भी सेवा प्रदान करती है, जो इसके 53% लोन का हिस्सा है। Repco Home Finance 12 राज्यों और एक यूनियन टेरिटरी में 242 ब्रांचों का एक व्यापक नेटवर्क संचालित करती है।
निवेशकों का फोकस और भविष्य का दृष्टिकोण
निवेशक संभवतः कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी ग्रोथ को बनाए रखने और एसेट क्वालिटी में और सुधार लाने की क्षमता पर ध्यान केंद्रित करेंगे। लोन बुक विस्तार को प्रभावी जोखिम प्रबंधन के साथ संतुलित करना RHFL के लिए महत्वपूर्ण होगा। प्रोसेस किए गए लोन का औसत आकार ₹14 लाख था।
संभावित जोखिम
हालांकि एसेट क्वालिटी में सुधार हुआ है, लेकिन स्टेज-2 एसेट्स का 7.02% तक बढ़ना करीबी निगरानी की मांग करता है। अपने उधार की जरूरतों के लिए वाणिज्यिक बैंकों पर कंपनी की महत्वपूर्ण निर्भरता (कुल उधार ₹12,215 करोड़ में से ₹10,440 करोड़) इसे ब्याज दरों में उतार-चढ़ाव के प्रति संवेदनशील बना सकती है, हालांकि Q4FY26 में उधार की औसत लागत 8.35% थी।
ट्रैक करने योग्य मुख्य मेट्रिक्स
भविष्य के अपडेट्स पर निवेशकों की पैनी नजर रहेगी, खासकर लोन ग्रोथ की गति, NPA में और कमी और उधार की लागत के प्रभावी प्रबंधन के संबंध में।
