मुनाफे की वापसी, पर स्टैंडअलोन में बड़ी गिरावट
Religare Enterprises Ltd. ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए ₹73.16 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट घोषित किया है। यह ग्रुप के लिए लाभप्रदता में वापसी का संकेत है, जिसे कंसोलिडेटेड रेवेन्यू में 14.70% की शानदार वृद्धि का भी साथ मिला है। कंपनी का कुल कंसोलिडेटेड रेवेन्यू बढ़कर ₹8,493.84 करोड़ तक पहुंच गया।
इस सुधार का मुख्य कारण रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) का वह फैसला है, जिसके तहत 23 जुलाई, 2025 से सब्सिडियरी Religare Finvest Limited (RFL) पर लगी करेक्टिव एक्शन प्लान (CAP) को वापस ले लिया गया है। इस कदम से RFL पर लगी अहम ऑपरेशनल पाबंदियां हट गईं, जिससे यह अपनी सामान्य व्यावसायिक गतिविधियों और लेंडिंग (lending) को फिर से शुरू कर सकेगी।
कंसोलिडेटेड लेवल पर अच्छी खबर के बावजूद, ग्रुप के स्टैंडअलोन ऑपरेशन्स बड़ी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। FY26 के लिए, स्टैंडअलोन टोटल इनकम में 60.69% की भारी गिरावट आई और यह सिर्फ ₹16.44 करोड़ रह गई। इसके परिणामस्वरूप, स्टैंडअलोन नेट लॉस ₹33.80 करोड़ दर्ज किया गया। यह साफ दिखाता है कि जहां एक ओर ग्रुप लेवल पर रिकवरी दिख रही है, वहीं पेरेंट कंपनी लेवल पर कमजोरी बनी हुई है।
FY26 की चौथी तिमाही (Q4) में, कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 20.66% बढ़कर ₹2,473.30 करोड़ रहा, जिससे तिमाही नेट प्रॉफिट ₹95.65 करोड़ दर्ज हुआ। वहीं, स्टैंडअलोन तिमाही इनकम में 39.88% की गिरावट आई और यह ₹3.36 करोड़ रही, जिसके साथ ₹12.36 करोड़ का नेट लॉस हुआ।
Religare Enterprises, जो एक डाइवर्सिफाइड फाइनेंशियल सर्विसेज ग्रुप है, मुश्किल भरे माहौल से गुजर रही है। RFL जनवरी 2023 से RBI के CAP के तहत थी, जो गवर्नेंस और फाइनेंशियल मुद्दों के कारण लगाई गई थी। CAP का हटना एक पॉजिटिव कदम है, लेकिन एक पुराना डिविडेंड बैन, जो 2019 के RBI डायरेक्टिव (directive) से जुड़ा है, शेयरधारकों के रिटर्न को प्रभावित कर रहा है। कंपनी टैक्स संबंधी विवादों में भी फंसी हुई है, जिसमें 2017-18 टैक्स पीरियड के लिए ₹108.53 करोड़ और RFL के लिए ₹303.41 करोड़ की मांग शामिल है। इसके अतिरिक्त, सब्सिडियरी Care Health Insurance Limited (CHIL) को ESOP से जुड़े मामलों में IRDAI द्वारा ₹1 करोड़ का जुर्माना भी लगाया गया है।
आगे चलकर, निवेशक RFL के ऑपरेशनल परफॉरमेंस और CAP हटने के बाद बिज़नेस ग्रोथ पर बारीकी से नज़र रखेंगे। ग्रुप की क्षमता, स्टैंडअलोन बिज़नेस के लिए टर्नअराउंड स्ट्रेटेजी (turnaround strategy) को लागू करने और घाटे को रोकने की, महत्वपूर्ण होगी। डिविडेंड बैन की टाइमलाइन या जारी टैक्स विवादों के समाधान पर कोई अपडेट भी अहम होगा।
