Reliance Infrastructure:BIG Turnaround! ₹2,900 करोड़ का Profit, पर इन Risks से रहें सावधान!

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Reliance Infrastructure:BIG Turnaround! ₹2,900 करोड़ का Profit, पर इन Risks से रहें सावधान!

Reliance Infrastructure के लिए यह फाइनेंशियल ईयर (FY26) बड़ी खुशखबरी लेकर आया है। कंपनी ने पिछले साल के ₹4,938 करोड़ के भारी नुकसान के मुकाबले इस बार ₹2,900 करोड़ का शानदार कंसॉलिडेटेड प्रॉफिट दर्ज किया है। यह कंपनी डिफेंस और क्लीन एनर्जी जैसे सेक्टर्स में ग्रोथ की उम्मीद कर रही है, हालांकि कुछ रेगुलेटरी जांच और ऑडिटर की चिंताएं अभी भी बनी हुई हैं।

Detailed Coverage

Reliance Infrastructure ने FY26 में दर्ज किया शानदार Profit Turnaround

कंसॉलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (FY26): ₹2,900 करोड़
कंसॉलिडेटेड लॉस आफ्टर टैक्स (FY25): ₹4,938 करोड़

रीडर टेकअवे: ऑपरेशनल सुधार से मुनाफे में बड़ी उछाल, लेकिन गवर्नेंस और रेगुलेटरी मुद्दे अभी भी चिंता का विषय हैं।

क्या हुआ?

Reliance Infrastructure Limited ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए अपने कंसॉलिडेटेड नतीजों का ऐलान किया है। कंपनी ने ₹2,900 करोड़ का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स दर्ज किया है। यह पिछले फाइनेंशियल ईयर, FY 2024-25 में दर्ज किए गए ₹4,938 करोड़ के कंसॉलिडेटेड लॉस से एक बड़ी रिकवरी है। FY26 के लिए कंपनी का कंसॉलिडेटेड टोटल इनकम ₹20,862 करोड़ रहा।

यह क्यों मायने रखता है?

यह फाइनेंशियल टर्नअराउंड Reliance Infrastructure के लिए बेहद अहम है, क्योंकि यह कंसॉलिडेटेड लेवल पर प्रॉफिटेबिलिटी में वापसी का संकेत देता है। यह कंपनी को डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग और क्लीन एनर्जी सॉल्यूशंस जैसे हाई-ग्रोथ सेक्टर्स में अपने स्ट्रेटेजिक एक्सपेंशन के लिए एक मजबूत फाइनेंशियल बेस देता है। शेयरहोल्डर्स ने कंपनी के बैलेंस शीट को मजबूत करने के लिए ₹3,000 करोड़ तक के क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) को भी मंजूरी दे दी है।

बैकस्टोरी

Reliance Infrastructure पिछले कुछ समय से फाइनेंशियल दबाव और रेगुलेटरी जांच का सामना कर रही थी। FY25 में कंपनी ने भारी कंसॉलिडेटेड लॉस रिपोर्ट किया था। यह मौजूदा सुधार कंपनी के बिजनेस को रीस्ट्रक्चर करने और भविष्य के ग्रोथ एरियाज पर फोकस करने के प्रयासों का नतीजा है।

अब क्या बदलेगा?

रिपोर्ट किया गया प्रॉफिट और अप्रूव्ड QIP कंपनी की फाइनेंशियल हेल्थ को बेहतर बनाने और उसके एक्सपेंशन प्लान्स को सपोर्ट करने की उम्मीद है। कंपनी डिफेंस और क्लीन एनर्जी वेंचर्स के लिए महाराष्ट्र में एक बड़ा मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी डेवलप कर रही है।

ध्यान रखने योग्य जोखिम

हालांकि, कंपनी के सामने अभी भी बड़े जोखिम हैं। इनमें एन्फोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ED), SEBI और सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन ऑफिस (SFIO) जैसी एजेंसियों द्वारा जारी रेगुलेटरी जांच शामिल हैं। कंपनी के स्टैट्यूटरी ऑडिटर, M/s. Chaturvedi & Shah LLP, ने SEBI के शो-कॉज नोटिस से जुड़े आरोपों का हवाला देते हुए 23 मई 2026 से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस्तीफे और ओपिनियन में डिस्क्लेमर ने कंपनी की गोइंग कंसर्न (चलते रहने की क्षमता) को लेकर मटेरियल अनिश्चितता जताई है, जिसका कारण लिक्विडिटी की कमी और रेगुलेटरी इश्यूज हैं। कंपनी के शेयर एडिशनल सर्विलांस मेजर (ASM) फ्रेमवर्क के तहत भी हैं, जो ट्रेडिंग लिक्विडिटी को प्रभावित करता है।

पीयर कंपैरिजन

(फिलिंग में जानकारी उपलब्ध नहीं है)

कॉन्टेक्स्ट मेट्रिक्स (समय-आधारित)

कंसॉलिडेटेड टोटल इनकम (FY26): ₹20,862 करोड़ बनाम ₹23,999 करोड़ (FY25)
कंसॉलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (FY26): ₹2,900 करोड़ बनाम (₹4,938 करोड़) (FY25)
स्टैंडअलोन टोटल इनकम (FY26): ₹419 करोड़ बनाम ₹357 करोड़ (FY25)

आगे क्या देखें?

निवेशक डिफेंस और क्लीन एनर्जी प्रोजेक्ट्स की प्रगति, QIP का सफल समापन, और जारी रेगुलेटरी व लीगल चुनौतियों के समाधान पर बारीकी से नजर रखेंगे। नए ऑडिटर की नियुक्ति और उनकी भविष्य की रिपोर्ट्स भी महत्वपूर्ण होंगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.