Reliance Infrastructure की सहायक कंपनी KM Toll Road दिवालिया प्रक्रिया में दाखिल

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AuthorMehul Desai|Published at:
Reliance Infrastructure की सहायक कंपनी KM Toll Road दिवालिया प्रक्रिया में दाखिल

Reliance Infrastructure की सहायक कंपनी KM Toll Road को NCLT ने कॉर्पोरेट इन्सॉल्वेंसी रेज़ोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) में स्वीकार कर लिया है। Reliance Infra का एक्सपोजर ₹548 करोड़ है, जिसके लिए पूरी प्रोविजनिंग (provisioning) कर ली गई है।

Reliance Infrastructure की सब्सिडियरी इन्सॉल्वेंसी प्रोसेस में

Reliance Infrastructure Limited की पूरी तरह से मालिकाना हक वाली सब्सिडियरी KM Toll Road Private Limited को नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT), मुंबई बेंच ने कॉर्पोरेट इन्सॉल्वेंसी रेज़ोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) में स्वीकार कर लिया है। यह ऑर्डर इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (IBC) के तहत 22 जुलाई, 2026 को सुनाया गया था और कंपनी को 05 अगस्त, 2026 को मिला।

क्या हुआ?

NCLT ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) द्वारा KM Toll Road Private Limited के खिलाफ इन्सॉल्वेंसी की कार्यवाही शुरू करने की याचिका स्वीकार कर ली है। इस कदम से सब्सिडियरी IBC के दायरे में आ गई है।

यह क्यों मायने रखता है?

Reliance Infrastructure का KM Toll Road में कुल फाइनेंशियल एक्सपोजर लगभग ₹548 करोड़ है। हालांकि, कंपनी ने कहा है कि यह पूरी राशि उसके मौजूदा खातों में पहले से ही प्रोवाइडेड (provided) है। इस प्रोविजनिंग से इन्सॉल्वेंसी की घटना का Reliance Infrastructure की बैलेंस शीट पर तत्काल वित्तीय प्रभाव कम हो जाता है।

बैकस्टोरी

KM Toll Road Private Limited को एक हाईवे प्रोजेक्ट के लिए स्पेशल पर्पस व्हीकल (SPV) के तौर पर स्थापित किया गया था। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के साथ इसका कंसेशन एग्रीमेंट (concession agreement) तब से टर्मिनेट (terminate) कर दिया गया है। सब्सिडियरी के पास फिलहाल बहुत कम चालू ऑपरेशन्स हैं।

अब क्या बदलेगा?

CIRP में स्वीकार होने के साथ, KM Toll Road का मैनेजमेंट और कंट्रोल एक इंटरिम रेज़ोल्यूशन प्रोफेशनल (IRP) को ट्रांसफर कर दिया गया है। सब्सिडियरी का मुख्य संभावित मूल्य NHAI के खिलाफ चल रही आर्बिट्रेशन (arbitration) कार्यवाही में निहित है, जहां यह लगभग ₹2,096 करोड़ का दावा कर रही है।

जोखिम

सब्सिडियरी के पास आर्बिट्रेशन अवार्ड के अनिश्चित परिणाम के अलावा कोई महत्वपूर्ण संपत्ति नहीं है। CIRP मॉरेटोरियम (moratorium) Reliance Infrastructure की सब्सिडियरी के मामलों को सीधे प्रबंधित करने की क्षमता को सीमित करता है।

आगे क्या ट्रैक करें?

निवेशकों को CIRP प्रक्रिया की प्रगति और NHAI के खिलाफ आर्बिट्रेशन दावों से संबंधित किसी भी डेवलपमेंट पर करीब से नज़र रखनी चाहिए। सब्सिडियरी का समाधान (resolution) या लिक्विडेशन (liquidation) किसी भी संभावित मूल्य रिकवरी को निर्धारित करेगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.