Reliance Industries ने लॉन्ग-टर्म कैपिटल जुटाने के लिए **₹13,008.61 करोड़** के नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) जारी किए हैं। **7.90%** की कूपन दर और **10 साल** के टेनर वाले इस इश्यू ने कंपनी की मजबूत क्रेडिट प्रोफाइल पर निवेशकों का भरोसा और बढ़ा दिया है।
बाजार से बड़ी फंड जुटाने की तैयारी
Reliance Industries Ltd ने अपने PPD सीरीज R के तहत 13,00,000 अनसिक्योर्ड, रिडीमेबल नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) का अलॉटमेंट पूरा कर लिया है। कंपनी ने ग्रीन शू ऑप्शन का इस्तेमाल करते हुए ₹12,000 करोड़ के बेस इश्यू साइज से ज्यादा, कुल ₹13,008.61 करोड़ जुटाए हैं। हर डिबेंचर की फेस वैल्यू ₹1,00,000 है और इनका मैच्योरिटी पीरियड 10 साल (1 अक्टूबर 2036) तय किया गया है।
क्यों खास है यह कदम?
इतने बड़े पैमाने पर फंड जुटाना यह दिखाता है कि Reliance Industries के पास कम रेट पर कैपिटल जुटाने की जबरदस्त क्षमता है। 7.90% की कूपन रेट पर यह फंड हासिल करना कंपनी के रणनीतिक विकास और ग्रोथ प्लान्स को रफ्तार देने में मदद करेगा। इस इश्यू को CRISIL और CARE दोनों रेटिंग एजेंसियों से 'AAA/Stable' रेटिंग मिली है, जो कंपनी की फाइनेंशियल स्टेबिलिटी को दर्शाता है।
निवेशकों के लिए आगे क्या?
कंपनी इन NCDs पर सालाना ₹7,900 प्रति डिबेंचर के हिसाब से कूपन पेमेंट करेगी, जिसकी शुरुआत अक्टूबर 2027 से होगी। अब बाजार की नजर इस बात पर है कि Reliance इन पैसों का इस्तेमाल अपने एनर्जी, टेलीकॉम और रिटेल बिजनेस के विस्तार में कैसे करती है। आने वाले क्वार्टरली रिपोर्ट्स में कंपनी का डेट-टू-इक्विटी रेशियो ट्रैक करना महत्वपूर्ण होगा।
