Rekvina Laboratories ने Radiant Parenterals के अधिग्रहण के बाद शेयरधारकों के लिए ₹10 प्रति शेयर पर एक ओपन ऑफर (Open Offer) लाने का ऐलान किया है। यह कदम निवेशकों को बाहर निकलने का मौका देने के लिए उठाया जा रहा है।
Rekvina Laboratories का बड़ा ऐलान
Rekvina Laboratories जल्द ही 28.90 लाख शेयरों के लिए ₹10 प्रति शेयर की दर से एक अनिवार्य ओपन ऑफर (Mandatory Open Offer) शुरू करने जा रही है। इस ऑफर के तहत कंपनी ₹2.89 करोड़ तक का अधिकतम भुगतान करेगी। यह कॉर्पोरेट एक्शन तब ट्रिगर हुआ है जब कंपनी ने Radiant Parenterals Limited को 100% अधिग्रहित करने के लिए एक एग्रीमेंट (SEPA) पर हस्ताक्षर किए हैं।
क्या है पूरा मामला?
इस अधिग्रहण के हिस्से के रूप में, Rekvina, नॉन-प्रमोटर्स को ₹10 प्रति शेयर के भाव पर 46,27,750 इक्विटी शेयर और नकद के बदले 4,60,000 इक्विटी शेयर जारी करेगी। इस ट्रांजेक्शन के बाद, ध्रुवकुमार पटेल मौजूदा प्रमोटर्स सुरभित मुकेश शाह और अमित मुकेश शाह के साथ जुड़ जाएंगे और प्रमोटर के तौर पर री-क्लासिफाई होंगे। ट्रांजेक्शन के बाद कंपनी की कुल बढ़ी हुई पूंजी 1,11,15,750 शेयर हो जाएगी।
क्यों है यह अहम?
SEBI के नियमों के अनुसार अनिवार्य यह ओपन ऑफर, पब्लिक शेयरहोल्डर्स को ₹10 प्रति शेयर पर निकास का अवसर प्रदान करता है। निवेशकों को यह तय करना होगा कि वे अपने शेयर ऑफर करते हैं या नहीं, खासकर कंपनी के हाल ही में ट्रेडिंग पर लौटने और रणनीतिक बिज़नेस इंटीग्रेशन को देखते हुए।
कंपनी की पुरानी कहानी
Rekvina Laboratories ने हाल ही में ट्रेडिंग फिर से शुरू की है और रेवेन्यू जेनरेट करना शुरू कर दिया है। कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए ₹1.27 करोड़ का रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस रिपोर्ट किया है, जबकि ₹0.25 करोड़ का नेट लॉस दर्ज किया है। यह अधिग्रहण कंपनी की बिज़नेस डेवलपमेंट स्ट्रैटेजी में एक महत्वपूर्ण कदम है।
अब क्या बदलेगा?
अधिग्रहण और ओपन ऑफर पूरा होने पर, Rekvina Laboratories, Radiant Parenterals की पूरी तरह से मालिकाना हक वाली पैरेंट कंपनी बन जाएगी। ध्रुवकुमार पटेल का री-क्लासिफिकेशन प्रमोटर ग्रुप की संरचना को भी बदलेगा।
जोखिमों पर एक नज़र
ओपन ऑफर में भाग लेने वाले शेयरधारकों को लिक्विडिटी लॉक-इन (liquidity lock-in) के बारे में पता होना चाहिए। ऑफर के लिए सबमिट किए गए शेयरों को तब तक ट्रेड या वापस नहीं लिया जा सकता जब तक कि पूरी प्रक्रिया समाप्त न हो जाए। कंपनी वर्तमान में लॉस में भी चल रही है, जो निवेशकों के लिए विचार करने वाला एक प्रमुख कारक है।
मुख्य मेट्रिक्स (समय-सीमा)
- ऑफर साइज: 28.90 लाख शेयर
- ऑफर प्राइस: ₹10 प्रति शेयर
- टेंडरिंग पीरियड: 1 जुलाई, 2026 से 14 जुलाई, 2026
- अधिकतम कुल भुगतान: ₹2.89 करोड़
- FY2026 रेवेन्यू: ₹1.27 करोड़
- FY2026 प्रॉफिट/(लॉस): (₹0.25 करोड़)
आगे क्या देखें?
निवेशकों को टेंडरिंग पीरियड, ओपन ऑफर के नतीजे और एकीकृत इकाई के बाद के प्रदर्शन पर नजर रखनी चाहिए। अधिग्रहण के बाद कंपनी की प्रॉफिटेबल बनने की क्षमता महत्वपूर्ण होगी।
