Regency Fincorp Limited ने प्राइवेट प्लेसमेंट के जरिए **₹3.50 करोड़** जुटाए हैं। कंपनी ने LC Venture Debt Fund को **350** नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCDs) जारी किए हैं, जो कंपनी की एसेट्स के बदले सुरक्षित (Secured) हैं।
फंड जुटाने की स्ट्रैटेजी
Regency Fincorp Limited ने अपनी हालिया ऑलॉटमेंट कमेटी की बैठक में 350 नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCDs) जारी करने को मंजूरी दी है। इस कदम से कंपनी को ₹3.50 करोड़ की पूंजी प्राप्त हुई है। यह फंड LC Venture Debt Fund से जुटाया गया है और इन डिबेंचर्स को BSE पर लिस्ट किया जाएगा।
रिस्क और सिक्योरिटी का गणित
कंपनी ने इन NCDs को पूरी तरह से 'सिक्योर्ड' रखा है, जिसके बदले कंपनी ने अपनी करंट एसेट्स, फिक्स्ड एसेट्स, ब्रांड और इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी को गिरवी रखा है। इस पर 1% का फिक्स्ड कूपन रेट तय किया गया है।
खास बात यह है कि एग्रीमेंट में एक सख्त 'पीनल इंटरेस्ट' (Penal Interest) क्लॉज भी जोड़ा गया है। अगर कंपनी ब्याज या मूलधन चुकाने में 3 महीने से ज्यादा की देरी करती है, तो बेस कूपन रेट पर अतिरिक्त 2% का पेनल्टी ब्याज देना होगा।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
यह 18 महीने की अवधि का कर्ज है जो 1 अप्रैल, 2028 को मैच्योर होगा। निवेशकों को अब कंपनी की कैश फ्लो हेल्थ और डेट रीपेमेंट ट्रैक रिकॉर्ड पर नजर रखनी होगी, क्योंकि यह कर्ज कंपनी की प्रायोरिटी लायबिलिटी बन गया है।
