Regency Fincorp ने अपने कारोबार को रफ्तार देने के लिए बाजार से **₹75 करोड़** जुटाने का फैसला किया है। कंपनी यह रकम नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCD) के जरिए जुटाएगी, जिसका मकसद MSME और डिजिटल लेंडिंग बिजनेस का विस्तार करना है।
फंड जुटाने का पूरा गणित
Regency Fincorp लिमिटेड के बोर्ड ने प्राइवेट प्लेसमेंट के आधार पर 75,000 सिक्योर, लिस्टेड नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCD) जारी करने की अनुमति दे दी है। इस कुल ₹75 करोड़ के इश्यू में ₹25 करोड़ का बेस साइज है और ₹50 करोड़ का 'ग्रीन शू' ऑप्शन शामिल है। प्रत्येक डिबेंचर की फेस वैल्यू ₹10,000 तय की गई है और इसकी अवधि 30 महीने होगी।
क्यों बढ़ाया जा रहा है बिजनेस?
कंपनी के पास लेंडिंग कैपेसिटी बढ़ाने की स्ट्रैटेजी है। मैनेजमेंट ने साफ किया है कि जुटाए गए पैसों को दो बड़े सेगमेंट में लगाया जाएगा:
- MSME लेंडिंग: यह कंपनी का कोर बिजनेस है, जो एसेट-बैकड है।
- डिजिटल लेंडिंग: यह भविष्य में ग्रोथ का सबसे बड़ा इंजन साबित हो सकता है।
कंपनी की परफॉर्मेंस पर एक नजर
कंपनी का मोमेंटम फिलहाल काफी मजबूत बना हुआ है। हाल ही में Regency Fincorp ने FY26 के लिए अपने एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) में 45% की सालाना ग्रोथ दर्ज की है। साथ ही, कंपनी का नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) 10.3% रहा है। कंपनी के एमडी गौरव कुमार के मुताबिक, यह फंड रेजिंग क्रेडिट की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए एक अहम कदम है।
निवेशकों के लिए चेतावनी
इन्वेस्टर्स को इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि अतिरिक्त कर्ज लेने से कंपनी के लेवरेज प्रोफाइल पर क्या असर पड़ता है। डिजिटल पोर्टफोलियो को तेजी से बढ़ाने के चक्कर में क्रेडिट क्वालिटी और एनपीए (NPA) को कंट्रोल में रखना कंपनी के लिए सबसे बड़ी चुनौती होगी, ताकि 10.3% का मार्जिन बरकरार रह सके।
