Regency Fincorp ने अपने कारोबार विस्तार के लिए **₹312.15 करोड़** जुटाने का ऐलान किया है। कंपनी यह फंड प्रेफरेंशियल इश्यू के जरिए जुटाएगी और इसका इस्तेमाल डिजिटल लेंडिंग और गोल्ड लोन सेक्टर में अधिग्रहण के लिए किया जाएगा।
विस्तार की नई रणनीति
कंपनी ने अपनी भविष्य की योजनाओं को रफ्तार देने के लिए ₹312.15 करोड़ के फंड जुटाने को मंजूरी दी है। यह राशि ₹50.50 प्रति यूनिट के भाव पर इक्विटी शेयर और कन्वर्टिबल वारंट जारी करके जुटाई जाएगी। कंपनी ने अपनी अधिकृत शेयर कैपिटल (Authorized Share Capital) को ₹95 करोड़ से बढ़ाकर ₹152 करोड़ करने का प्रस्ताव भी रखा है।
फंड का बंटवारा (Utilization of Funds)
कंपनी के मैनेजमेंट ने फंड के इस्तेमाल का पूरा रोडमैप तैयार कर लिया है:
- ₹120 करोड़: डिजिटल लेंडिंग प्लेटफॉर्म के अधिग्रहण पर खर्च होंगे।
- ₹150 करोड़: गोल्ड लोन कारोबार को खरीदने के लिए इस्तेमाल किए जाएंगे।
- ₹32 करोड़: MSME लेंडिंग पोर्टफोलियो को मजबूत बनाने के लिए रखे गए हैं।
पारदर्शिता बनाए रखने के लिए, Infomerics Valuation and Rating Limited को मॉनिटरिंग एजेंसी के रूप में नियुक्त किया गया है।
EGM और ESOP स्कीम
कंपनी ने 11 नवंबर 2026 को शेयरधारकों की एक Extraordinary General Meeting (EGM) बुलाई है, जिसमें इन विस्तार योजनाओं और नए ESOP 2026 स्कीम पर मुहर लगाई जाएगी। इस नई ESOP स्कीम के तहत कर्मचारियों को 1 करोड़ विकल्प (Options) दिए जाएंगे।
हालांकि निवेशकों के लिए यह ध्यान रखना जरूरी है कि वारंट के इक्विटी में बदलने के बाद मौजूदा शेयरों में डाइल्यूशन (Dilution) का असर भी देखने को मिल सकता है। अगले 6 से 12 महीनों में इन अधिग्रहणों की सफलता और कंपनी के रिटर्न ऑन इक्विटी पर निवेशकों की नजर बनी रहनी चाहिए।
