Rallis India के शेयरधारकों के लिए बड़ी राहत की खबर है। बॉम्बे हाई कोर्ट के फैसले के बाद कंपनी पर लगा **₹408 करोड़** का टैक्स डिमांड खत्म हो गया है और साथ ही कंपनी को अब रिफंड भी मिलेगा।
कानूनी लड़ाई में मिली जीत
टैक्स से जुड़ी कानूनी पेचीदगियों से जूझ रही Rallis India को बड़ी राहत मिली है। बॉम्बे हाई कोर्ट के अनुकूल फैसले के बाद, इनकम टैक्स अथॉरिटीज ने असेसमेंट ईयर 2022-23 के लिए कंपनी पर लगाए गए ₹408 करोड़ के टैक्स डिमांड को रद्द कर दिया है। यह फैसला कंपनी के लिए फाइनेंशियल ईयर 2023 की अनिश्चितताओं को पूरी तरह खत्म करता है।
कंपनी की झोली में रिफंड
सिर्फ डिमांड का हटना ही नहीं, बल्कि कंपनी को आर्थिक फायदा भी हुआ है। अथॉरिटीज के 'गिव इफेक्ट ऑर्डर' के मुताबिक, Rallis India अब ₹8.31 करोड़ का रिफंड पाने की हकदार है। इस कुल रिफंड अमाउंट में ₹1.79 करोड़ का ब्याज भी शामिल है। इससे कंपनी की कैश पोजीशन और बेहतर होगी।
निवेशकों के लिए क्या मायने हैं?
यह घटनाक्रम कंपनी की बैलेंस शीट से एक बड़ा बोझ हटाने जैसा है। जिस ₹408 करोड़ की लायबिलिटी का जिक्र कंपनी पिछले कई महीनों से अपने डिस्क्लोजर में कर रही थी, वह अब पूरी तरह से हट गई है। अब निवेशकों को आने वाली तिमाही नतीजों पर नजर रखनी चाहिए, जहां इस रिफंड की राशि का असर कैश फ्लो के तौर पर दिखेगा।
