Rajputana Investment & Finance Ltd के निवेशकों के लिए बुरी खबर है। कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए **₹4.77 करोड़** का रेवेन्यू दर्ज किया है, जो पिछले साल के मुकाबले **26.7%** कम है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि नेट प्रॉफिट में **88.9%** की भारी गिरावट आई है, जो घटकर सिर्फ **₹0.04 करोड़** रह गया है।
घटता रेवेन्यू और प्रॉफिट
Rajputana Investment & Finance Ltd ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए ₹4.77 करोड़ का कुल रेवेन्यू पेश किया है। यह पिछले फाइनेंशियल ईयर 2024-25 के ₹6.51 करोड़ के मुकाबले 26.7% की गिरावट दर्शाता है। कंपनी के प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में तो और भी बड़ी सेंध लगी है। FY26 में PAT 88.9% घटकर सिर्फ ₹0.04 करोड़ (यानी ₹4.08 लाख) रह गया है, जबकि पिछले साल यह ₹0.37 करोड़ था।
ऑडिटर की रिपोर्ट ने बढ़ाई चिंता
कंपनी की 84वीं एनुअल रिपोर्ट में एक और बड़ी बात सामने आई है। ऑडिटर ने अपनी रिपोर्ट में एक महत्वपूर्ण मुद्दे को उठाया है - कंपनी के सिस्टम में एक 'अन-एनेबल्ड ऑडिट ट्रेल फीचर' (unenabled audit trail feature) है। इसका मतलब है कि लेन-देन का पूरा और सुरक्षित रिकॉर्ड रखने की व्यवस्था पूरी तरह से चालू नहीं है। यह कंपनी के इंटरनल कंट्रोल सिस्टम और डेटा की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करता है।
मैनेजमेंट का क्या कहना है?
कंपनी के बोर्ड ने ऑडिटर की इस टिप्पणी को स्वीकार कर लिया है और इस फाइनेंशियल ईयर में ऑडिट ट्रेल फीचर को सक्षम (enable) करने के उपाय करने की योजना बना रहे हैं। इसके अलावा, आगामी एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में शेयरहोल्डर्स एक संबंधित-पार्टी ट्रांजेक्शन (related-party transaction) के नवीनीकरण पर वोट करेंगे, जिसमें B R D Motors Limited के साथ एक लीज एग्रीमेंट शामिल है।
आगे क्या देखना महत्वपूर्ण है?
निवेशकों को अब कंपनी द्वारा ऑडिट ट्रेल फीचर को लागू करने की प्रगति और AGM में लीज एग्रीमेंट पर होने वाले फैसले पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए। कंपनी के भविष्य के वित्तीय नतीजों से ही यह पता चलेगा कि इन चुनौतियों का सामना वह कैसे करती है।
