Rajeswari Infrastructure: कंपनी का घाटा हुआ कम, पर ज़ीरो टर्नओवर और ऑडिटर की चेतावनी चिंताजनक

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AuthorAditya Rao|Published at:
Rajeswari Infrastructure: कंपनी का घाटा हुआ कम, पर ज़ीरो टर्नओवर और ऑडिटर की चेतावनी चिंताजनक

Rajeswari Infrastructure ने FY25 में अपना नेट लॉस घटाकर **₹9.11 लाख** कर लिया है, हालांकि कंपनी का टर्नओवर शून्य रहा। फिलहाल कंपनी कॉर्पोरेट इन्सॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) से गुजर रही है, और रिकॉर्ड की कमी के कारण ऑडिटर ने अपनी राय देने से मना कर दिया है।

Rajeswari Infrastructure: दिवालियापन के बीच मुनाफे की हल्की किरण

Rajeswari Infrastructure Ltd ने वित्त वर्ष 2024-25 के लिए अपने वित्तीय नतीजे जारी किए हैं, जिसमें कंपनी का शुद्ध घाटा घटकर ₹0.09 करोड़ (यानी ₹9.11 लाख) रह गया है। पिछले साल यह घाटा ₹0.21 करोड़ (₹21.35 लाख) था।

ज़ीरो टर्नओवर और आय का स्रोत

खास बात यह है कि इस दौरान कंपनी का ग्रॉस टर्नओवर शून्य रहा। कुल आय केवल ₹0.05 करोड़ (₹5.08 लाख) रही, जो मुख्य रूप से 'अन्य स्रोतों' से आई है। कंपनी की कुल संपत्ति ₹13.15 करोड़ है, लेकिन इक्विटी निगेटिव यानी -₹0.78 करोड़ है।

क्यों मायने रखता है यह?

हालांकि घाटे में कमी आई है, लेकिन शून्य परिचालन राजस्व के बावजूद यह थोड़ी राहत दे सकता है। पर कंपनी की वित्तीय सेहत अभी भी गंभीर चिंता का विषय बनी हुई है, खासकर निगेटिव इक्विटी और चल रही इन्सॉल्वेंसी प्रक्रिया के कारण। ऑडिटर द्वारा 'डिस्क्लेमर ऑफ ओपिनियन' देना निवेशकों के लिए एक बड़ी चेतावनी है।

मामला क्या है?

Rajeswari Infrastructure Ltd 10 मई, 2023 से कॉर्पोरेट इन्सॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) के अधीन है। 13 जनवरी, 2026 को NCLT द्वारा एक रेजोल्यूशन प्लान को मंजूरी दी गई थी, जिस पर फिलहाल एक मॉनिटरिंग कमेटी की नजर है।

आगे क्या बदलेगा?

कंपनी अभी बदलाव के दौर से गुजर रही है। शेयरधारकों के वोटिंग अधिकार निलंबित हैं और बोर्ड भी भंग है। जब तक रेजोल्यूशन प्लान पूरी तरह से लागू नहीं हो जाता और मैनेजमेंट रेजोल्यूशन एप्लीकेंट को नहीं सौंपा जाता, तब तक एक मॉनिटरिंग कमेटी ही सब संभालेगी।

जोखिम क्या हैं?

कंपनी भारी वित्तीय संकट का सामना कर रही है, जिसमें लोन डिफॉल्ट प्रमुख है। इसके अलावा, वेबसाइट का न होना और फाइलिंग में देरी जैसे नियामक अनुपालन के मुद्दे भी हैं। सबसे बड़ी चिंता ऑडिटर की रिपोर्ट से आती है, जिन्होंने कहा है कि वे महत्वपूर्ण संपत्ति, इन्वेंट्री और देनदारियों के अस्तित्व, पूर्णता या मूल्यांकन को सत्यापित नहीं कर पाए हैं।

ऑडिटर की टिप्पणी

स्टैट्यूटरी ऑडिटर, M/s KMKU & Associates ने 'डिस्क्लेमर ऑफ ओपिनियन' जारी किया है। इसका कारण रिकॉर्ड, जानकारी और सहायक दस्तावेजों तक सीमित पहुंच रहा, जिससे महत्वपूर्ण संपत्तियों का सत्यापन संभव नहीं हो सका।

आगे क्या देखें?

निवेशकों को मॉनिटरिंग कमेटी द्वारा रेजोल्यूशन प्लान को लागू करने की प्रगति और मैनेजमेंट हैंडओवर प्रक्रिया पर कड़ी नजर रखनी चाहिए। नियामक आवश्यकताओं का अनुपालन भी महत्वपूर्ण होगा।

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