Race Eco Chain के प्रमोटरों ने अपने पास मौजूद कुल 77.30 लाख शेयर, जो कि कंपनी की कुल इक्विटी का 44.79% है, Share India Securities Limited के पास गिरवी रख दिए हैं।
प्रमोटरों का बड़ा दांव और जोखिम
Race Eco Chain Ltd ने BSE फाइलिंग में जानकारी दी है कि कंपनी के प्रमोटर ग्रुप ने अपने पूरे होल्डिंग को गिरवी (Pledge) रख दिया है। इस ट्रांजैक्शन के तहत 77,30,100 शेयरों को गिरवी रखा गया है, जो कंपनी की कुल पेड-अप इक्विटी का 44.79% हिस्सा है। इस डील के जरिए प्रमोटरों ने ₹59.16 करोड़ का लोन लिया है, जिसके बदले गिरवी रखे गए एसेट की वैल्यू ₹75.37 करोड़ आंकी गई है।
निवेशकों को क्यों सतर्क रहना चाहिए?
कंपनी ने साफ किया है कि यह पैसा कंपनी के कामकाज के लिए नहीं, बल्कि प्रमोटरों और उनके सहयोगियों (PACs) की निजी जरूरतों के लिए लिया गया है। इस पूरी घटना के दो बड़े पहलू हैं:
- लिक्विडिटी रिस्क: जब प्रमोटर अपना 100% स्टेक गिरवी रख देते हैं, तो बाजार में इसे नकारात्मक संकेत माना जाता है।
- वोलैटिलिटी का खतरा: यदि शेयर की कीमत में ज्यादा उतार-चढ़ाव आता है, तो लेंडर (Share India Securities) मार्जिन कॉल दे सकता है, जिससे खुले बाजार में शेयरों की बिकवाली (Invocation) हो सकती है और स्टॉक पर दबाव बन सकता है।
फिलहाल, निवेशकों को लोन की शर्तों और कंपनी के गवर्नेंस पर पैनी नजर रखने की सलाह दी जाती है, क्योंकि प्रमोटर होल्डिंग का पूरी तरह से गिरवी होना भविष्य में वित्तीय फ्लेक्सिबिलिटी को कम कर सकता है।
