Raama Finance Limited ने **22 सितंबर 2026** को बोर्ड मीटिंग बुलाई है। इस बैठक में कंपनी अनलिस्टेड, अनसिक्योर्ड और रिडीमेबल नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) के जरिए **₹5 करोड़** जुटाने की योजना पर विचार करेगी।
फंड जुटाने की दिशा में अगला कदम
Raama Finance Limited ने शेयर बाजारों को सूचित किया है कि कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक 22 सितंबर 2026 को आयोजित की जाएगी। इस बैठक का मुख्य एजेंडा प्राइवेट प्लेसमेंट के जरिए ₹5 करोड़ तक के NCD जारी करने की शर्तों और आवंटन पर विचार करना है। प्रत्येक डिबेंचर की फेस वैल्यू ₹10,000 तय की गई है।
क्यों है यह अहम?
यह कदम कंपनी के उस फंडरेजिंग प्रोग्राम का हिस्सा है जिसे शेयरधारकों ने पहले ही मंजूरी दे दी थी। सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि इससे मौजूदा शेयरधारकों की इक्विटी डाइल्यूट नहीं होगी, क्योंकि कंपनी कर्ज के जरिए पूंजी जुटा रही है।
बैकग्राउंड और आगे की राह
इससे पहले 11 अगस्त 2026 को पोस्टल बैलट के जरिए शेयरधारकों ने कंपनी को कुल ₹100 करोड़ तक के NCD जारी करने की अनुमति दी थी। वर्तमान में जिस ₹5 करोड़ की चर्चा हो रही है, वह उसी बड़े फंडरेजिंग प्लान का एक हिस्सा (ट्रेंच) है।
आगामी बैठक में बोर्ड NCD जारी करने की अंतिम शर्तें, ब्याज दर (Coupon) और समय सीमा (Tenure) पर मुहर लगा सकता है। निवेशकों को सलाह है कि वे मीटिंग के बाद आने वाले आधिकारिक खुलासों पर नजर रखें, क्योंकि अभी केवल एजेंडे की घोषणा हुई है, आवंटन की प्रक्रिया अभी पूरी होनी बाकी है।
