Raama Finance ने जितेंद्र प्रसाद को नया CEO नियुक्त किया है। साथ ही, कंपनी ने अपने रिटेल फाइनेंस कारोबार को विस्तार देने के लिए **₹5 करोड़** के नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCD) जारी करने का फैसला लिया है।
नेतृत्व में बदलाव और नई रणनीति
Raama Finance लिमिटेड ने बड़े बदलावों की घोषणा की है। कंपनी के बोर्ड ने जितेंद्र प्रसाद को नया चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) और की मैनेजिरियल पर्सनल नियुक्त किया है, जो 22 सितंबर, 2026 से प्रभावी होगा। जितेंद्र प्रसाद के पास 24 साल का लंबा अनुभव है, जिसमें उन्होंने Barclays, PNB Housing Finance और CSB Bank जैसी दिग्गज संस्थाओं में अपनी सेवाएं दी हैं। उनकी यह नियुक्ति कंपनी के मॉर्गेज और रिटेल लेंडिंग बिजनेस को मजबूती देने की रणनीति का हिस्सा है।
फंड जुटाने की तैयारी और लागत
नई नियुक्तियों के साथ ही कंपनी ने फंड जुटाने का भी रास्ता साफ किया है। बोर्ड ने ₹5 करोड़ के सिक्योरड नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) जारी करने की मंजूरी दी है। इन डिबेंचर्स की अवधि 18 महीने है और कंपनी इन पर 20% का सालाना कूपन रेट ऑफर कर रही है। यह फंड कंपनी के कुल ₹100 करोड़ के अप्रूव्ड कॉर्पस का एक हिस्सा है।
NCD की बारीकियां और निवेशकों के लिए संकेत
ये NCDs कंपनी की रिसीवेबल्स पर 125% चार्ज के साथ सिक्योरड हैं। Catalyst Trusteeship Limited को इसके लिए ट्रस्टी नियुक्त किया गया है और प्रति यूनिट फेस वैल्यू ₹10,000 तय की गई है। हालांकि, 20% की ऊंची ब्याज दर कंपनी के लिए फंड की लागत (Cost of Capital) को बढ़ाती है। अब निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि नया मैनेजमेंट इस पूंजी का इस्तेमाल हाई-यील्ड लेंडिंग सेगमेंट में कितनी कुशलता से करता है ताकि मुनाफे पर असर न पड़े।
