RSC International Ltd ने FY 2025-26 के लिए **₹31.61 लाख** का सालाना नुकसान दर्ज किया है। खराब फाइनेंशियल स्थिति के बीच, कंपनी अब अपनी दिशा बदलकर फाइनेंशियल कंसल्टेंसी और स्टॉक ब्रोकिंग जैसे क्षेत्रों में कदम रखने जा रही है।
मुनाफे के बजाय घाटा
कंपनी की 33वीं सालाना रिपोर्ट के मुताबिक, FY 2025-26 में RSC International की कुल कमाई सिर्फ ₹9.91 लाख रही, जबकि कंपनी को ₹31.61 लाख का शुद्ध घाटा (Net Loss) उठाना पड़ा। इससे पिछले साल यह घाटा ₹26.10 लाख था। कंपनी के नए प्रमोटर्स, शैलेश अग्रवाल और रामजी दास अग्रवाल, अब बिजनेस को उबारने के लिए 'मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन' में बदलाव करने की तैयारी कर रहे हैं।
ऑडिटर की चेतावनी (Auditor's Concern)
कंपनी के लिए एक बड़ा संकट यह है कि ऑडिटर M/s. D G M S & Co. ने 'Qualified Opinion' जारी किया है। ऑडिटर ने साफ कहा है कि लगातार हो रहे कैश लॉस और घटती नेट वर्थ के चलते कंपनी का भविष्य ('Going Concern Status') खतरे में है।
मैनेजमेंट और बोर्ड में बड़े बदलाव
पुराने ऑडिटर के इस्तीफे के बाद, बोर्ड ने M/s. Kanu Doshi Associates LLP को नियुक्त किया है। इस नियुक्ति पर अब आगामी एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में शेयरधारकों की मुहर लगनी बाकी है।
निवेशकों के लिए जोखिम
कंपनी का नया प्लान बेशक आक्रामक है, लेकिन बैलेंस शीट पर भारी दबाव है। जब तक कंपनी अपनी नई फाइनेंशियल सर्विस शाखाओं से तुरंत पॉजिटिव कैश फ्लो नहीं जुटाती, तब तक निवेशकों के लिए यह एक बड़ा रिस्क बना रहेगा।
