RLF Ltd ने अपने प्रमोटरों से लिए गए ₹1.36 करोड़ के लोन को इक्विटी शेयरों में बदलने का फैसला किया है। इस कदम से कंपनी का कर्ज घटेगा और प्रमोटरों की हिस्सेदारी बढ़कर **42.44%** हो जाएगी। हालांकि, इसके लिए शेयरधारकों की मंजूरी का इंतजार है।
RLF Ltd: प्रमोटरों का भरोसा बढ़ा, लोन का इक्विटी में रूपांतरण
RLF Ltd के बोर्ड ने प्रमोटरों, मैनेजिंग डायरेक्टर आदित्य खन्ना और डायरेक्टर आशीष खन्ना, से लिए गए ₹1.365 करोड़ (₹136.50 लाख) के अनसिक्योर्ड लोन को इक्विटी शेयरों में बदलने की मंजूरी दे दी है। इस डेट-टू-इक्विटी कन्वर्जन के तहत, 13,00,000 इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे, जिनकी कीमत ₹10.50 प्रति शेयर होगी। कंपनी ने साफ किया है कि इसमें किसी तरह के नकद भुगतान की आवश्यकता नहीं होगी, क्योंकि यह सीधे कर्ज का निपटान है।
क्यों महत्वपूर्ण है यह कदम?
यह कदम RLF Ltd के बैलेंस शीट को मजबूत करने की एक रणनीतिक पहल है, जिससे कंपनी का कर्ज कम होगा। इसके साथ ही, प्रमोटरों आदित्य खन्ना और आशीष खन्ना की संयुक्त हिस्सेदारी 34.68% (33,43,804 शेयर) से बढ़कर 42.44% (46,43,804 शेयर) हो जाएगी। यह प्रमोटर ग्रुप की कंपनी के भविष्य के प्रति मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
इसके अलावा, बोर्ड ने मौजूदा आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन (AOA) को बदलने के लिए नए AOA को अपनाने की भी मंजूरी दी है। इस अपडेट का उद्देश्य कंपनी के गवर्नेंस ढांचे को कंपनी अधिनियम, 2013 और मौजूदा सर्वोत्तम प्रथाओं के अनुरूप लाना है, जिसमें संशोधित AOA मुख्य रूप से 'टेबल F' पर आधारित होंगे।
क्या बदलेगा अब?
इस कन्वर्जन के बाद कंपनी का डेट-टू-इक्विटी रेशियो सुधरने की उम्मीद है। प्रमोटरों का नियंत्रण और प्रतिबद्धता उनकी बढ़ी हुई हिस्सेदारी से और मजबूत होगी। नए AOA कंपनी के आंतरिक प्रबंधन और संचालन को नियंत्रित करेंगे।
जोखिमों पर नजर
- शेयरधारकों की मंजूरी: यह प्रेफरेंशियल इश्यू और नए AOA को अपनाने का प्रस्ताव आगामी एक्स्ट्राऑर्डिनरी जनरल मीटिंग (EGM) में शेयरधारकों की स्पेशल रेजोल्यूशन के माध्यम से मंजूरी मिलने पर निर्भर करेगा। EGM का नतीजा एक महत्वपूर्ण पहलू होगा।
आगे क्या देखें
निवेशकों को EGM के नतीजों पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए, जहां प्रेफरेंशियल इश्यू और नए AOA के लिए शेयरधारकों की मंजूरी मांगी जाएगी। कन्वर्जन के बाद कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन और बैलेंस शीट की सेहत पर भी नजर रखनी होगी।
