RLF Ltd अपने प्रमोटरों के ₹1.36 करोड़ के कर्ज को इक्विटी में बदल रही है। कंपनी 13 लाख शेयर ₹10.50 प्रति शेयर के भाव पर जारी करेगी। इस कदम से कंपनी का बैलेंस शीट मजबूत होगा और कर्ज घटेगा। इसके साथ ही, कंपनी नए आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन (AOA) को भी अपनाएगी।
RLF Ltd: प्रमोटरों के ₹1.36 करोड़ के लोन को इक्विटी में बदला
RLF Ltd अपने प्रमोटर्स आशीष खन्ना और आदित्य खन्ना को 13,00,000 इक्विटी शेयर जारी करेगी। यह कदम ₹1.365 करोड़ के बकाया असुरक्षित लोन को इक्विटी में बदलने के लिए उठाया जा रहा है, जिसमें प्रति शेयर ₹10.50 का भाव तय किया गया है।
कंपनी के लिए क्यों अहम है यह डील?
इस कदम का मुख्य उद्देश्य कंपनी के बैलेंस शीट को मजबूत करना और देनदारियों को कम करना है। कर्ज को इक्विटी में बदलने से कंपनी पर वित्तीय बोझ कम होगा। साथ ही, कंपनी बेहतर कॉर्पोरेट गवर्नेंस के लिए कंपनी अधिनियम, 2013 के टेबल F पर आधारित नए आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन (AOA) को भी अपनाएगी।
हालांकि, इस नए शेयर इश्यू से प्रमोटर ग्रुप की हिस्सेदारी बढ़ जाएगी, जिससे मौजूदा पब्लिक शेयरहोल्डर्स का स्टेक कम हो सकता है। यह एक रिलेटेड-पार्टी ट्रांजैक्शन है, जिसके लिए शेयरधारकों की मंजूरी जरूरी होगी।
अब आगे क्या?
शेयरों के अलॉटमेंट के बाद, प्रमोटर ग्रुप की कुल हिस्सेदारी 33,43,804 शेयरों से बढ़कर 46,43,804 शेयर हो जाएगी। इस प्रेफरेंशियल इश्यू और नए AOA को अपनाने पर वोटिंग के लिए एक एक्स्ट्रा-ऑर्डिनरी जनरल मीटिंग (EGM) बुलाई जाएगी। श्री सुमित बजाज को EGM के लिए स्क्रूटिनाइजर नियुक्त किया गया है।
निवेशकों के लिए क्या है जोखिम?
मौजूदा पब्लिक निवेशकों के लिए शेयरहोल्डर डाइल्यूशन (हिस्सेदारी का कम होना) एक बड़ी चिंता का विषय हो सकता है, क्योंकि कंपनी का इक्विटी बेस बढ़ेगा। इस प्रेफरेंशियल डील की प्रकृति को देखते हुए, शेयरधारकों को EGM में इस पर गंभीरता से विचार करना होगा।
अहम आंकड़े:
- सेटल किया गया कुल लोन: ₹1.365 करोड़
- जारी किए जाने वाले शेयर: 13,00,000
- इश्यू प्राइस: ₹10.50 प्रति शेयर
निवेशकों को EGM के नतीजों और शेयर इश्यू के पूरा होने पर नजर रखनी चाहिए। इस ट्रांजैक्शन के बाद कंपनी के कर्ज के स्तर और समग्र वित्तीय प्रदर्शन की निगरानी करना भी महत्वपूर्ण होगा।
