RGF Capital Markets Ltd में मालिकाना हक बदलने जा रहा है। निषाद जितेंद्र शाह के नेतृत्व वाले ग्रुप ने ऑफ-मार्केट डील के जरिए अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर **30.89%** कर ली है, जिससे SEBI के नियमों के तहत अब कंपनी में Open Offer लाना अनिवार्य हो गया है।
बड़ी डील और Open Offer की हलचल
27 अक्टूबर, 2026 को एक बड़ा घटनाक्रम हुआ, जिसमें नौ निवेशकों के एक समूह ने RGF Capital Markets में अपनी पकड़ मजबूत कर ली। निषाद जितेंद्र शाह की अगुवाई वाले इस ग्रुप ने 2,54,80,900 शेयर खरीदे हैं। इस डील के साथ ही उनकी कुल हिस्सेदारी पिछले 13.91% से बढ़कर 30.89% हो गई है।
चूंकि यह हिस्सेदारी SEBI के 'Takeover Regulations' के तहत 25% की सीमा को पार कर गई है, इसलिए कंपनी के लिए अब बाकी शेयरहोल्डर्स को एग्जिट का मौका देने के लिए 'Open Offer' लाना कानूनी रूप से जरूरी हो गया है।
क्यों है यह निवेशकों के लिए अहम?
यह केवल एक साधारण खरीदारी नहीं है, बल्कि मैनेजमेंट और कंपनी के कंट्रोल में बड़ा बदलाव है। खरीदार ग्रुप ने साफ कर दिया है कि Open Offer पूरा होने के बाद वे कंपनी के 'Promoters' के तौर पर जाने जाएंगे। इसका मतलब है कि आने वाले समय में कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में बदलाव और नई कॉर्पोरेट स्ट्रैटेजी देखने को मिल सकती है।
खरीदार ग्रुप में कौन शामिल है?
इस अधिग्रहण में शामिल प्रमुख नाम और एंटिटीज इस प्रकार हैं:
- निषाद जितेंद्र शाह
- Nishad Jitendra Shah HUF
- राजश्री निषाद शाह
- पार्श्व निषाद शाह
- पायल पारस शाह
- Trupti Management Services Private Limited
- Rocksolid Investments
- Rocksolid Enterprise
- Rocktree Framework LLP
आगे क्या होगा?
अब निवेशकों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि Open Offer की कीमत क्या तय की जाती है और इसकी समयसीमा क्या होगी। यह बदलाव कंपनी की दिशा बदल सकता है, इसलिए इस प्रोसेस के दौरान हर अपडेट पर बारीक नजर रखना जरूरी है।
