सरकारी कंपनी REC Ltd ने H1 FY'27 के लिए दमदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी की लोन बुक **₹6.17 लाख करोड़** के ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गई है, जबकि नेट NPA घटकर **0.11%** रह गया है।
मजबूत नतीजों की इनसाइड स्टोरी
REC Ltd ने चालू फाइनेंशियल ईयर के पहले हाफ (H1 FY'27) में बेहतरीन रफ्तार पकड़ी है। कंपनी की कुल इनकम ₹29,068 करोड़ रही है। वहीं, नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) ₹10,116 करोड़ दर्ज की गई, जबकि नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) 3.22% पर बना हुआ है, जो कंपनी की फाइनेंशियल मजबूती को दर्शाता है।
एसेट क्वालिटी में बड़ा सुधार
निवेशकों के लिए सबसे राहत की बात कंपनी के एसेट क्वालिटी में आया सुधार है। नेट क्रेडिट-इंपेयर्ड एसेट्स पिछले साल के 0.24% से घटकर अब 0.11% पर आ गए हैं। इसके अलावा, स्टेज-2 एसेट्स में भी बड़ी गिरावट देखने को मिली है, जो Q1 में ₹12,350 करोड़ थे और अब घटकर ₹3,235 करोड़ रह गए हैं।
मैनेजमेंट का विजन और चुनौतियां
कंपनी का मैनेजमेंट FY'27 के लिए 10% से 12% की लोन बुक ग्रोथ को लेकर आश्वस्त है। पूरे साल के लिए डिसबर्समेंट टारगेट ₹2 लाख करोड़ से ज्यादा रखा गया है। हालांकि, मैनेजमेंट ने बढ़ती प्रतिस्पर्धा और ब्याज दरों के कारण मार्जिन पर दबाव की संभावना जताई है। वहीं, PFC के साथ संभावित मर्जर पर मैनेजमेंट ने स्पष्ट किया कि यह पूरी तरह कैबिनेट की मंजूरी पर निर्भर है।
आगे क्या रखें नजर?
निवेशकों को अब कंपनी के ₹2 लाख करोड़ के डिसबर्समेंट टारगेट और PFC मर्जर से जुड़ी कैबिनेट की किसी भी आधिकारिक घोषणा पर नजर रखनी चाहिए।
