REC Ltd ने वित्त वर्ष 2025-26 की अपनी सस्टेनेबिलिटी रिपोर्ट जारी की है, जिसमें कंपनी की रिन्यूएबल लोन बुक में **30%** की ज़बरदस्त बढ़ोतरी हुई है, जो अब **₹75,347 करोड़** तक पहुँच गई है। साथ ही, कंपनी ने कार्बन उत्सर्जन में **69%** की कटौती की है और CSR पर **₹338 करोड़** खर्च किए हैं।
REC Ltd ने ESG परफॉर्मेंस में दर्ज की बड़ी सफलता
REC Ltd की ओर से जारी वित्त वर्ष 2025-26 की सस्टेनेबिलिटी रिपोर्ट में कंपनी ने पर्यावरण, सामाजिक और गवर्नेंस (ESG) के मोर्चे पर शानदार प्रगति दिखाई है। कंपनी का कंसोलिडेटेड टर्नओवर ₹59,584 करोड़ रहा, जबकि नेट वर्थ ₹85,054 करोड़ आंकी गई है।
रिन्यूएबल एनर्जी में निवेश का बढ़ता ग्राफ
इस रिपोर्ट का सबसे अहम पहलू रिन्यूएबल लोन बुक में 30% की सालाना ग्रोथ है। अब यह ₹75,347 करोड़ तक पहुँच गई है, जो कंपनी की कुल लोन बुक का 13% है। यह ग्रोथ भारत के ऊर्जा परिवर्तन (Energy Transition) लक्ष्यों के अनुरूप है और ग्रीन फाइनेंसिंग की ओर REC के बढ़ते फोकस को दर्शाता है।
उत्सर्जन में बड़ी कटौती और CSR पर फोकस
कंपनी ने न केवल लोन बुक बढ़ाई है, बल्कि अपने कार्बन उत्सर्जन को 69% तक कम करने में भी कामयाबी हासिल की है। यह कंपनी की परिचालन दक्षता (Operational Efficiency) और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी को दिखाता है। इसके साथ ही, REC ने वित्त वर्ष 2025-26 में कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) गतिविधियों के लिए ₹338 करोड़ आवंटित किए हैं।
गवर्नेंस पर थोड़ा ध्यान देने की ज़रूरत
हालांकि, रिपोर्ट में एक छोटी सी गवर्नेंस संबंधी चिंता भी सामने आई है। NSE और BSE ने बोर्ड और बोर्ड-स्तरीय समितियों की संरचना में अनुपालन (Compliance) न करने के कारण ₹44.67 लाख (₹0.04467 करोड़) का जुर्माना लगाया है। यह मुद्दा इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स की अनुपलब्धता से जुड़ा है। कंपनी ने मिनिस्ट्री ऑफ पावर से नियुक्ति का अनुरोध किया है, लेकिन यह भविष्य में निगरानी के लिए एक बिंदु है।
आगे क्या उम्मीद करें?
निवेशकों को REC के बोर्ड नियुक्तियों को सुरक्षित करने, रिन्यूएबल लोन पोर्टफोलियो के निरंतर विकास और समग्र ESG प्रदर्शन पर नज़र रखनी चाहिए। CSR खर्च का प्रभावी उपयोग भी एक महत्वपूर्ण पहलू होगा जिस पर ध्यान दिया जाना चाहिए।
