REC लिमिटेड के बोर्ड ने पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन (PFC) के साथ मर्जर को मंजूरी दे दी है। कंपनी ने FY27 के लिए ₹4.25 प्रति शेयर का पहला अंतरिम डिविडेंड भी घोषित किया है। कंपनी का स्टैंडअलोन रेवेन्यू ₹14,296 करोड़ रहा।
Detailed Coverage
REC लिमिटेड और PFC का होगा विलय
REC लिमिटेड के निदेशक मंडल ने REC लिमिटेड को पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन लिमिटेड (PFC) में मिलाने की एक मसौदा योजना को मंजूरी दे दी है। इस मर्जर के लिए 88 इक्विटी शेयर PFC के बदले REC के 100 इक्विटी शेयर का एक्सचेंज रेशियो तय किया गया है। इस मर्जर की तय तारीख 1 अप्रैल, 2027 रखी गई है।
शेयरधारकों को मिलेगा डिविडेंड
इसके अलावा, कंपनी ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए प्रति इक्विटी शेयर ₹4.25 के पहले अंतरिम डिविडेंड का ऐलान किया है। इसके लिए रिकॉर्ड डेट 31 जुलाई, 2026 तय की गई है। साथ ही, वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ₹1.55 प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड की भी पुष्टि की गई है, जिसकी रिकॉर्ड डेट 14 अगस्त, 2026 है।
कंपनी का फाइनेंशियल परफॉरमेंस
आंकड़ों की बात करें तो, FY27 की पहली तिमाही में REC का स्टैंडअलोन रेवेन्यू ₹14,296.10 करोड़ रहा, जो पिछले साल की इसी तिमाही के ₹14,725.56 करोड़ से मामूली गिरावट दिखाता है। इसी तरह, नेट प्रॉफिट भी पिछले साल की Q1 FY26 के ₹4,451.02 करोड़ से घटकर Q1 FY27 में ₹4,149.46 करोड़ हो गया।
फंड जुटाने में कामयाबी
इस तिमाही के दौरान, REC ने नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) के प्राइवेट प्लेसमेंट के जरिए ₹12,495 करोड़ सफलतापूर्वक जुटाए। 30 जून, 2026 तक कंपनी का स्टैंडअलोन डेट-इक्विटी रेशियो 5.52 गुना दर्ज किया गया।
क्यों है यह अहम?
PFC के साथ मंजूर हुआ यह मर्जर एक बड़ा कॉर्पोरेट पुनर्गठन है, जिससे पावर सेक्टर में एक बड़ी और एकीकृत वित्तीय कंपनी बन सकती है। शेयरधारक इस स्वैप रेशियो और जरूरी रेगुलेटरी अप्रूवल्स की प्रक्रिया पर बारीकी से नजर रखेंगे। वहीं, डिविडेंड का ऐलान, चाहे वह अंतरिम हो या फाइनल, बड़े कॉर्पोरेट बदलावों के बीच शेयरधारकों को वैल्यू लौटाने की कंपनी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
आगे क्या?
निवेशकों को मर्जर स्कीम की प्रगति पर कड़ी नजर रखनी चाहिए, जिसमें संबंधित अधिकारियों से मंजूरी की घोषणाएं शामिल हैं। डिविडेंड भुगतान की तारीखें और संयुक्त इकाई की किसी भी नई रणनीति पर अपडेट भी महत्वपूर्ण होंगे।
