सरकारी कंपनी REC Ltd ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए **₹16,282.26 करोड़** का शानदार स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछले साल से **3.6%** ज़्यादा है। कंपनी की कुल आय भी **5.7%** बढ़कर **₹59,187.22 करोड़** हो गई। इसके साथ ही, बोर्ड ने Power Finance Corporation (PFC) के साथ मर्जर को भी 'इन-प्रिंसिपल' मंजूरी दे दी है।
REC Ltd का शानदार नतीजा और PFC के साथ मर्जर की ओर बड़ा कदम
सरकारी कंपनी REC Ltd ने हाल ही में अपने वित्त वर्ष 2025-26 के वित्तीय नतीजे जारी किए हैं। कंपनी ने इस अवधि में ₹16,282.26 करोड़ का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट (Standalone Net Profit) कमाया है। यह पिछले वित्त वर्ष (FY 2024-25) के ₹15,713.21 करोड़ के मुकाबले 3.6% की बढ़ोतरी को दर्शाता है।
आय में भी उछाल
कंपनी की कुल आय (Total Income) भी इस दौरान 5.7% बढ़कर ₹59,187.22 करोड़ पर पहुंच गई, जबकि पिछले साल यह ₹55,979.62 करोड़ थी। कंपनी का प्रति शेयर मुनाफा (EPS) ₹61.71 रहा।
डिविडेंड (Dividend) की घोषणा
इसके अलावा, REC Ltd के बोर्ड डायरेक्टर्स ने प्रति इक्विटी शेयर ₹1.55 का फाइनल डिविडेंड (Final Dividend) देने की सिफारिश की है। यह मंजूरी शेयरहोल्डर्स की वार्षिक आम बैठक (AGM) में 25 अगस्त, 2026 को दी जाएगी।
PFC के साथ मर्जर को 'इन-प्रिंसिपल' मंजूरी
एक बड़े कॉर्पोरेट डेवलपमेंट में, REC Ltd और Power Finance Corporation (PFC) दोनों के बोर्ड ने REC को PFC में मर्ज करने की योजना को 'इन-प्रिंसिपल' (In-principle) यानी सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। यह कदम सरकारी NBFC स्पेस में कंसॉलिडेशन (consolidation) की ओर एक रणनीतिक कदम माना जा रहा है, जिसका मकसद बड़े पैमाने पर परिचालन और दक्षता बढ़ाना है।
आगे क्या?
शेयरहोल्डर्स को अब इस मर्जर स्कीम की प्रगति पर बारीकी से नजर रखनी होगी। अगर यह मर्जर पूरा होता है, तो REC, PFC की सब्सिडियरी (subsidiary) बन जाएगी। REC के ग्रीन एनर्जी पोर्टफोलियो (Green Energy Portfolio) में 30% सालाना वृद्धि का फोकस भी कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण रणनीतिक ड्राइवर बना हुआ है।
