बैंकिंग सेक्टर में आज बड़ी हलचल देखने को मिल रही है। RBL Bank में 60% हिस्सेदारी को लेकर Emirates NBD से बातचीत की खबरें ज़ोरों पर हैं, जिसकी कीमत करीब **₹26,015 करोड़** आंकी जा रही है। वहीं, देश के सबसे बड़े बैंक SBI के बोर्ड ने **₹60,000 करोड़** तक जुटाने की मंजूरी दे दी है।
शेयर बाजार में कॉर्पोरेट एक्शन हावी
देश के शेयर बाजार, सेंसेक्स और निफ्टी, फिलहाल कंसॉलिडेट कर रहे हैं। सेंसेक्स 77,410 और निफ्टी 24,168 के स्तर पर कारोबार कर रहे हैं। फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FIIs) ने ₹854 करोड़ की बिकवाली की, जबकि डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (DIIs) ने ₹3,129 करोड़ की खरीदारी की। डॉलर के मुकाबले रुपया 94.3 पर है।
बड़ी डील की तैयारी?
RBL Bank में 60% हिस्सेदारी के लिए Emirates NBD से बातचीत की खबरें बाजार में चर्चा का विषय बनी हुई हैं। इस डील का संभावित मूल्य लगभग ₹26,015 करोड़ हो सकता है। वहीं, भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के बोर्ड ने अपने विस्तार योजनाओं के तहत डेट इंस्ट्रूमेंट्स के ज़रिए ₹60,000 करोड़ तक फंड जुटाने की योजना को हरी झंडी दे दी है।
अन्य अहम खबरें
- Bharat Forge ने AM General के साथ मिलकर आर्टिलरी (तोपखाने) के निर्माण के लिए एक पार्टनरशिप की है।
- Jubilant Pharmova को अमेरिका की FDA से स्पोकेन फैसिलिटी में आठ ऑब्जर्वेशन मिले हैं, हालांकि इनमें से कोई भी स्टीरिलिटी (sterility) से संबंधित नहीं है।
- Wipro ने METRO AG के साथ एक AI ट्रांसफॉर्मेशन डील साइन की है और Aggne Global IT Services में 20% हिस्सेदारी के लिए USD 2.1 मिलियन का निवेश कर रही है।
- फंड जुटाने की अन्य पहलों में, Diamond Power Infrastructure ने ₹2,000 करोड़ तक जुटाने की मंजूरी दी है, जबकि Aadhaar Housing Finance ने ₹250 करोड़ के NCDs जारी किए हैं।
क्यों है ये अहम?
ये सभी कॉर्पोरेट गतिविधियां बाजार की चाल को प्रभावित कर रही हैं, जिससे इंडेक्स की चाल थोड़ी फीकी पड़ गई है। RBL Bank की संभावित डील और SBI की बड़ी फंड जुटाने की योजना बैंकिंग सेक्टर के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। इसके अलावा, Reliance Industries की AGM में AI और Jio Platforms के IPO को लेकर होने वाली घोषणाओं पर भी निवेशकों की पैनी नजर है।
आगे क्या?
निवेशक RBL Bank की डील की प्रगति और Reliance Industries की AGM से आने वाले नतीजों पर बारीकी से नजर रखेंगे। ये घटनाक्रम सेक्टर-विशिष्ट निवेशक भावना और शेयर प्रदर्शन को प्रभावित कर सकते हैं।
जोखिम
बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है, जिसका मुख्य कारण वैश्विक स्तर पर मिले-जुले संकेत और FIIs की लगातार बिकवाली है। किसी भी तरह के रेगुलेटरी (नियामकीय) बदलाव या बड़ी कॉर्पोरेट घटनाओं के अप्रत्याशित नतीजे शेयर की कीमतों पर असर डाल सकते हैं।
