RBL Bank ने वित्त वर्ष 2026 की दूसरी तिमाही के लिए प्रोविजनल आंकड़े जारी किए हैं। बैंक के टोटल डिपॉजिट **34%** बढ़कर **₹1,562.8 अरब** और ग्रॉस एडवांसेज **40%** बढ़कर **₹1,433.5 अरब** पर पहुंच गए हैं।
बिजनेस में आई तूफानी तेजी
बैंक के प्रोविजनल आंकड़ों के मुताबिक, इस तिमाही में बिजनेस ग्रोथ काफी आक्रामक रही है। रिटेल से लेकर होलसेल तक, बैंक की पकड़ मजबूत हुई है। रिटेल और होलसेल एडवांसेज का मिक्स अब 56:44 के अनुपात में है। बैंक की लिक्विडिटी स्थिति में भी सुधार दिखा है, जहाँ एवरेज लिक्विडिटी कवरेज रेशियो (LCR) पिछले क्वार्टर के 133% से बढ़कर 148% पर पहुंच गया है।
सेगमेंट के अनुसार प्रदर्शन
बैंक का फोकस लोन बांटने पर साफ दिख रहा है। सिक्योर रिटेल एडवांसेज में 51% और होलसेल एडवांसेज में 55% साल-दर-साल की शानदार बढ़त दर्ज की गई है। हालांकि, CASA रेशियो का 27.2% पर सिमटना थोड़ा गौर करने वाला विषय है। इसका मतलब है कि बैंक को इस तेजी को फंड करने के लिए टर्म डिपॉजिट्स पर ज्यादा निर्भर रहना पड़ रहा है।
निवेशकों के लिए क्या हैं रिस्क और आगे क्या होगा?
यह ध्यान रखना जरूरी है कि ये आंकड़े प्रोविजनल हैं और अभी ऑडिट व बोर्ड की मंजूरी बाकी है। जानकारों का मानना है कि इतनी तेजी से लोन बांटने का असर नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIMs) पर पड़ सकता है। निवेशकों की नजरें अब ऑफिशियल अर्निंग्स रिलीज पर होंगी, जहां यह देखना होगा कि वॉल्यूम ग्रोथ का सीधा असर कंपनी के मुनाफे और एसेट क्वालिटी पर कितना पड़ा है।
