RBL Bank के निवेशकों के लिए एक अहम खबर आई है। बैंक की कुलdeposits तिमाही-दर-तिमाही **10%** घटकर **₹1,24,813 करोड़** रह गईं। बैंक मैनेजमेंट का कहना है कि यह Emirates NBD से कैपिटल जुटाने के बाद एक सोची-समझी रणनीति के तहत wholesale deposits को रिन्यू न करने का फैसला है।
RBL Bank के नतीजों का पूरा विश्लेषण
RBL Bank ने 30 जून, 2026 को समाप्त हुई तिमाही के लिए अपने प्रोविजनल नतीजे जारी कर दिए हैं। इन नतीजों में सबसे खास बात यह रही कि बैंक की कुलdeposits में 10% की तिमाही गिरावट दर्ज की गई, जो अब ₹1,24,813 करोड़ पर आ गई हैं।
क्यों आईdeposits में गिरावट?
बैंक मैनेजमेंट के मुताबिक, यह गिरावट कोई चिंता की बात नहीं है। दरअसल, 18 जून, 2026 को Emirates NBD P.J.S.C. से प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट के जरिए कैपिटल जुटाने के बाद, बैंक ने जानबूझकर कुछ wholesale deposits को रिन्यू न करने का फैसला किया। यह बैंक की लागत (cost of funds) और मार्जिन को बेहतर ढंग से मैनेज करने की एक रणनीतिक पहल है। कैपिटल इनफ्यूजन के बाद बैंक के पास लिक्विडिटी (liquidity) बढ़ी है, जिससे उसे यह फ्लेक्सिबिलिटी मिली है।
Advances में मजबूत ग्रोथ
जहां एक ओरdeposits में कमी आई है, वहीं दूसरी ओर बैंक के ग्रॉस एडवांसेज (Gross Advances) में अच्छी ग्रोथ देखने को मिली है। यह ₹1,17,344 करोड़ पर पहुंच गया है, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 21% ज्यादा है। तिमाही-दर-तिमाही आधार पर भी इसमें 2% की बढ़ोतरी हुई है। यह लोन की मजबूत डिमांड का संकेत देता है।
आगे क्या उम्मीद करें?
निवेशक अब यह देखना चाहेंगे कि क्या बैंक अपनी deposittaking स्ट्रैटेजी को सामान्य करता है या नहीं। साथ ही, यह भी देखना अहम होगा कि क्या बैंक deposittake बढ़ाए बिना एडवांसेज ग्रोथ को बनाए रख पाता है। CASA रेश्यो 29.2% और लिक्विडिटी कवरेज रेश्यो (Liquidity Coverage Ratio) 133% पर बना हुआ है, जो बैंक की वित्तीय सेहत के लिए पॉजिटिव संकेत हैं।
