RBL Bank लिमिटेड **7 सितंबर, 2026** को होने वाली अपनी बोर्ड मीटिंग में Euro Medium Term Note (EMTN) प्रोग्राम को मंजूरी देने पर विचार करेगी। इसका मुख्य उद्देश्य इंटरनेशनल मार्केट से विदेशी करेंसी में फंड जुटाना है।
विदेशी बाजारों पर नजर
बैंक ने साफ किया है कि यह एक 'एनेबलिंग रिसोल्यूशन' (Enabling Resolution) है, जिससे बैंक को भविष्य में अपनी जरूरतों के हिसाब से ग्लोबल मार्केट से लिक्विडिटी हासिल करने में आसानी होगी। इस कदम के जरिए बैंक विदेशी करेंसी में बॉन्ड्स और नोट्स जारी कर पाएगा।
निवेशकों के लिए खास जानकारी
इस पूरे प्रोग्राम की सबसे अहम बात यह है कि इसके तहत जारी किए जाने वाले डेट सिक्योरिटीज (Debt Securities) भारत के निवेशकों के लिए नहीं होंगे। बैंक ने स्पष्ट किया है कि यह पूरी कवायद सिर्फ इंटरनेशनल मार्केट के लिए है। यह कदम U.S. Securities Act of 1933 के रेगुलेशन S के अनुरूप है।
आगे क्या होगा?
अभी बैंक केवल इस प्रोग्राम को सेट-अप करने के लिए बोर्ड की मंजूरी ले रहा है। यह एक 'शेल्फ' की तरह काम करेगा, जिससे भविष्य में जब भी बाजार में अनुकूल परिस्थितियां होंगी, बैंक तुरंत फंड जुटा सकेगा। निवेशकों को अब बैंक की अगली एक्सचेंज फाइलिंग पर नजर रखनी चाहिए, जिसमें बॉन्ड का साइज, मैच्योरिटी और इंटरेस्ट रेट जैसी डिटेल्स सामने आएंगी। ये डिटेल्स सीधे तौर पर बैंक की बैलेंस शीट और भविष्य के फंड कॉस्ट को प्रभावित करेंगी।
