RBL Bank ने इंटरनेशनल मार्केट से फंड जुटाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। बैंक के बोर्ड ने **$1 बिलियन** (करीब **₹8,400 करोड़**) के Euro Medium Term Note (EMTN) प्रोग्राम को मंजूरी दे दी है।
ग्लोबल फंडिंग की नई राह
7 सितंबर, 2026 को हुई बोर्ड मीटिंग में RBL Bank ने इस बड़े प्रस्ताव पर अपनी मुहर लगा दी है। इस EMTN प्रोग्राम के जरिए बैंक इंटरनेशनल मार्केट में विदेशी मुद्रा में बॉन्ड्स या डेट सिक्योरिटीज जारी कर सकेगा। बैंक की योजना इसे टुकड़ों में (Tranches) जारी करने की है, ताकि जरूरत के हिसाब से फंड जुटाया जा सके।
निवेशकों के लिए अहम जानकारी
सबसे जरूरी बात यह है कि ये सिक्योरिटीज भारतीय निवेशकों के लिए नहीं होंगी। बैंक ने स्पष्ट किया है कि इसका पूरा फोकस ग्लोबल मार्केट्स पर है। अभी यह सिर्फ एक 'इनेबलिंग प्रोविजन' (Enabling Provision) है, जिसका मतलब है कि बैंक ने भविष्य के लिए रास्ता साफ कर लिया है, लेकिन फिलहाल कोई बड़ा कर्ज नहीं उठाया जा रहा है।
आगे का रास्ता और जोखिम
बैंक की बोरिंग कमिटी को अब ये अधिकार दिया गया है कि वे मार्केट की स्थितियों को देखते हुए सही समय पर फंड जुटाने का फैसला लें। निवेशकों को ध्यान रखना चाहिए कि:
- करेंसी रिस्क: विदेशी मुद्रा में कर्ज होने के कारण करेंसी में उतार-चढ़ाव का असर बैंक की देनदारी पर पड़ सकता है।
- इंटरेस्ट रेट्स: ग्लोबल मार्केट की ब्याज दरें और बैंक की क्रेडिट रेटिंग इस पूरे प्रोग्राम की लागत तय करेंगी।
