Quest Capital Markets के FY26 के नतीजे
Quest Capital Markets Ltd ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के लिए अपने शानदार वित्तीय प्रदर्शन की घोषणा की है। कंपनी के मुनाफे में 19.89% की जोरदार बढ़ोतरी देखी गई, जो ₹23.53 करोड़ पर पहुंच गया। वहीं, ऑपरेशन्स से होने वाले रेवेन्यू में 21.46% का इजाफा हुआ और यह ₹31.35 करोड़ दर्ज किया गया। कंपनी के बोर्ड ने ₹2.50 प्रति इक्विटी शेयर के डिविडेंड की सिफारिश की है।
निवेशकों के लिए खास
मुनाफे और रेवेन्यू में यह मजबूत ग्रोथ निवेशकों के लिए एक सकारात्मक संकेत है। यह कंपनी के प्रभावी बिजनेस ऑपरेशन्स को दर्शाता है। ₹2.50 प्रति इक्विटी शेयर का प्रस्तावित डिविडेंड, जो कि फेस वैल्यू का 25% है, शेयरधारकों के साथ मुनाफा बांटने की कंपनी की प्रतिबद्धता को उजागर करता है।
पिछले साल का लेखा-जोखा
31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए वर्ष के लिए, Quest Capital Markets ने ₹31.35 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछले फाइनेंशियल ईयर (FY25) के ₹25.81 करोड़ की तुलना में 21.46% अधिक है। इसी तरह, साल भर का मुनाफा 19.89% बढ़कर ₹23.53 करोड़ हो गया, जबकि पिछले साल यह ₹19.63 करोड़ था। कंपनी का बेसिक ईपीएस (Earnings Per Share) भी बढ़कर ₹23.53 हो गया, जो पिछले साल ₹19.63 था।
आगे क्या?
कंपनी ने 2.50 प्रति इक्विटी शेयर के डिविडेंड की सिफारिश की है, जिसे आगामी एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में शेयरधारकों की मंजूरी मिलनी बाकी है। इसके अलावा, बोर्ड ने सुश्री रुशा मित्रा और श्री त्रिविक्रम खैतान की नॉन-एग्जीक्यूटिव इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स के तौर पर अगले पांच साल के लिए पुन: नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। साथ ही, M/s. A. Singhi & Co. को FY27 के लिए इंटरनल ऑडिटर के रूप में फिर से नियुक्त किया गया है।
ध्यान देने योग्य जोखिम
कंपनी ने नए लेबर कोड्स के कारण कर्मचारी लाभों के तहत ग्रेच्युटी के लिए ₹0.0106 करोड़ (यानी ₹1.06 लाख) का अतिरिक्त खर्च दर्ज किया है। हालांकि यह प्रभाव मामूली है, लेकिन भविष्य में बदलते श्रम नियमों का पालन करना एक चुनौती पेश कर सकता है।
वर्तमान स्थिति
31 मार्च, 2026 तक, Quest Capital Markets की कुल संपत्ति ₹1,118.26 करोड़ और कुल इक्विटी ₹1,050.64 करोड़ थी। कंपनी के ऑडिटर ने वित्तीय नतीजों पर एक अनमॉडिफाइड ओपिनियन (unmodified opinion) दिया है।
आगे क्या देखें?
निवेशक एजीएम में प्रस्तावित डिविडेंड पर शेयरधारकों की मंजूरी पर बारीकी से नजर रखेंगे। आने वाली तिमाहियों में रेवेन्यू और मुनाफे की निरंतर वृद्धि, साथ ही स्थिर कॉर्पोरेट गवर्नेंस, प्रमुख कारक होंगे जिन पर ध्यान दिया जाएगा।
