QGO Finance ने Q1 FY27 के लिए अपने नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का रेवेन्यू बढ़कर **₹5.76 करोड़** हो गया है, जबकि नेट प्रॉफिट **₹0.99 करोड़** दर्ज किया गया। इसके साथ ही, कंपनी ने **₹0.15** प्रति शेयर का अंतरिम डिविडेंड (Interim Dividend) देने का ऐलान किया है और **₹7 करोड़** के NCD जारी करने की मंजूरी भी दी है।
QGO Finance की पहली तिमाही में जोरदार ग्रोथ
QGO Finance ने वित्तीय वर्ष 2027 (FY27) की पहली तिमाही, जो 30 जून, 2026 को समाप्त हुई, के लिए अपने शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी के रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशन्स (Revenue from operations) में पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले जबरदस्त बढ़ोतरी देखी गई है। Q1 FY27 में रेवेन्यू ₹5.76 करोड़ रहा, जो कि Q1 FY26 के ₹4.21 करोड़ से काफी अधिक है।
मुनाफे की बात करें तो, कंपनी ने इस तिमाही में ₹0.99 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। यह पिछले साल की समान अवधि के ₹0.78 करोड़ के मुकाबले एक महत्वपूर्ण उछाल है।
निवेशकों के लिए क्या है खास?
कंपनी के बोर्ड ने शेयरधारकों को बड़ी खुशखबरी दी है। ₹0.15 प्रति इक्विटी शेयर के अंतरिम डिविडेंड (Interim Dividend) को मंजूरी दी गई है। डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट 21 अगस्त, 2026 तय की गई है। इसके अलावा, कंपनी ₹7 करोड़ नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCD) जारी करके फंड जुटाने की भी योजना बना रही है।
कंपनी की पृष्ठभूमि और आगे की राह
QGO Finance नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल सेक्टर (NBFC) में सक्रिय है और फाइनेंसिंग सॉल्यूशंस पर ध्यान केंद्रित करती है। कंपनी अपने को-लेंडिंग अरेंजमेंट्स (co-lending arrangements) का विस्तार करने पर काम कर रही है और रियल एस्टेट में भी निवेश रखती है। ₹7 करोड़ का यह NCD इश्यू अनसिक्योर्ड (unsecured) है, यानी इसके पीछे कोई खास संपत्ति नहीं है, जो एक जोखिम का पहलू है। साथ ही, कंपनी का ₹5.30 करोड़ का बड़ा निवेश रियल एस्टेट में है, जो एसेट कंसंट्रेशन (asset concentration) का संकेत देता है।
निवेशकों को अब इस बात पर नजर रखनी होगी कि कंपनी ₹7 करोड़ NCD फंड का इस्तेमाल कैसे करती है और क्या वह अपनी फाइनेंसिंग ऑपरेशन्स और को-लेंडिंग पार्टनरशिप्स को बढ़ाने में सफल रहती है।
