QGO Finance Ltd: 11 सितंबर को AGM, FY26 में रेवेन्यू **11%** बढ़कर ₹18.26 करोड़ हुआ

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
QGO Finance Ltd: 11 सितंबर को AGM, FY26 में रेवेन्यू **11%** बढ़कर ₹18.26 करोड़ हुआ

QGO Finance Ltd अपनी 33वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) 11 सितंबर, 2026 को आयोजित करेगी। कंपनी ने FY26 के लिए **₹18.26 करोड़** का रेवेन्यू दर्ज किया है, जो पिछले साल से **11.15%** ज्यादा है। वहीं, पैट (PAT) में **10%** की बढ़ोतरी के साथ यह **₹3.37 करोड़** रहा।

QGO Finance Ltd: AGM, FY26 नतीजे और भविष्य की योजनाएं

FY26 रेवेन्यू: ₹18.26 करोड़ | FY26 प्रॉफिट आफ्टर टैक्स: ₹3.37 करोड़

निवेशकों के लिए खास: रेवेन्यू और प्रॉफिट में लगातार बढ़ोतरी, लगातार 6 साल से जीरो NPA; को-लेंडिंग पार्टनरशिप से बढ़ा दायरा।

क्या हुआ?

QGO Finance Limited ने घोषणा की है कि कंपनी की 33वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) 11 सितंबर, 2026 को होगी। कंपनी ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के नतीजों का भी खुलासा किया है। इसके अनुसार, कुल रेवेन्यू में 11.15% की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो ₹18.26 करोड़ रहा। वहीं, प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) 10% बढ़कर ₹3.37 करोड़ हो गया। कंपनी की नेट लोन बुक 16.70% बढ़कर ₹116.46 करोड़ हो गई।

यह क्यों मायने रखता है?

QGO Finance के वित्तीय प्रदर्शन से कंपनी की लगातार ग्रोथ का पता चलता है, जिसमें इसके लोन पोर्टफोलियो का महत्वपूर्ण विस्तार शामिल है। लगातार 6 सालों से जीरो NPA (नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स) का रिकॉर्ड कंपनी के एसेट क्वालिटी मैनेजमेंट की मजबूती को दर्शाता है। Choice Finserv Private Limited के साथ को-लेंडिंग पार्टनरशिप, कंपनी की लेंडिंग क्षमता और पहुंच को बढ़ाने की एक रणनीतिक पहल है।

पूरी कहानी

QGO Finance ने अनुशासित अंडरराइटिंग और डिजिटल प्लेटफॉर्म का फायदा उठाने पर ध्यान केंद्रित किया है। कंपनी ने अपनी एसेट क्वालिटी को मजबूत बनाए रखा है। इस वित्तीय वर्ष में, को-लेंडिंग व्यवस्था शुरू की गई, जो कंपनी की बैलेंस शीट से परे संचालन को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

अब क्या बदलेगा?

11 सितंबर, 2026 को होने वाली AGM में, शेयरधारक वित्तीय विवरणों को मंजूरी देंगे और निदेशकों की पुनः नियुक्ति पर मतदान करेंगे, जिनमें श्रीमती सीमा पाठक और श्रीमती रचना सिंघी शामिल हैं। श्रीमती सिंघी की पांच साल के कार्यकाल के लिए मैनेजिंग डायरेक्टर के रूप में पुनः नियुक्ति, सालाना ₹30 लाख के रेमुनरेशन के साथ, नेतृत्व में निरंतरता का संकेत देती है।

ध्यान रखने योग्य जोखिम

कंपनी के जीरो NPA के दावों के बावजूद, लोन बुक के विस्तार और को-लेंडिंग गतिविधियों के लिए क्रेडिट क्वालिटी पर निरंतर सतर्कता की आवश्यकता होगी। फंडिंग प्रोफाइल में विविधता लाना भी सतत विकास के लिए महत्वपूर्ण है।

तुलनात्मक विश्लेषण

(फाइलिंग में जानकारी उपलब्ध नहीं)

प्रमुख मेट्रिक्स (समय-सीमा सहित)

  • कुल रेवेन्यू: FY26 में ₹18.26 करोड़, FY25 में ₹16.42 करोड़ से अधिक।
  • प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT): FY26 में ₹3.37 करोड़, FY25 में ₹3.07 करोड़ से अधिक।
  • नेट लोन बुक: 31 मार्च, 2026 तक ₹116.46 करोड़, एक साल पहले ₹99.80 करोड़ से अधिक।
  • NPA रिकॉर्ड: लगातार छह वर्षों से जीरो ग्रॉस और नेट NPA।
  • NCDs आउटस्टैंडिंग: 31 मार्च, 2026 तक ₹102.33 करोड़

आगे क्या देखें?

निवेशक आने वाले वित्तीय वर्ष में को-लेंडिंग पार्टनरशिप के प्रदर्शन, डायरेक्ट बुक में ग्रोथ, और कंपनी की फंडिंग स्रोतों को और अधिक विविध बनाने की क्षमता पर बारीकी से नजर रखेंगे।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.