QGO Finance ने **₹11 करोड़** जुटाने के लिए **12%** कूपन दर वाले अनलिस्टेड NCDs जारी करने की घोषणा की है। इसके साथ ही, कंपनी ने विजयकुमार अग्रवाल को नए डायरेक्टर के रूप में नियुक्त किया है, जो RBI की मंजूरी पर निर्भर है।
फंड जुटाने की तैयारी
QGO Finance ने अपनी ऑपरेशनल लिक्विडिटी बढ़ाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ₹1 लाख प्रति यूनिट की कीमत वाले 1,100 अनलिस्टेड, अनसिक्योर्ड NCDs जारी करेगी। इन डिबेंचर्स का टेन्योर 9 साल का होगा और निवेशकों को हर महीने 12% का फिक्स्ड एनुअल कूपन मिलेगा।
लीडरशिप में बदलाव
बोर्ड ने विजयकुमार अग्रवाल को नॉन-एग्जीक्यूटिव, नॉन-इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के तौर पर नियुक्त करने को मंजूरी दी है। यह नियुक्ति फिलहाल RBI की कड़ी जांच और रेगुलेटरी क्लीयरेंस के अधीन है। चूँकि अग्रवाल का कंपनी की एमडी रचना सिंगी और डायरेक्टर दीपिका नाथ के साथ पारिवारिक संबंध है, इसलिए इस पर RBI के 2025 गवर्नेंस निर्देशों के तहत बारीकी से नजर रखी जाएगी।
निवेशकों के लिए जरूरी बातें
- जोखिम: यह एक अनसिक्योर्ड इंस्ट्रूमेंट है, जिसका मतलब है कि डिफ़ॉल्ट होने की स्थिति में यह सिक्योर्ड बॉन्ड्स की तुलना में अधिक जोखिम भरा होता है।
- पुराने निवेश: कंपनी ने पुराने NCDs के लॉक-इन पीरियड को कम किया है, हालांकि मैच्योरिटी डेट्स (अक्टूबर और नवंबर 2034) में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
- अगला कदम: निवेशकों को अब RBI से मिलने वाली मंजूरी का इंतजार करना चाहिए, क्योंकि उस पर ही बोर्ड का अंतिम कंपोजिशन निर्भर करेगा।
