Purshottam Investofin ने वित्त वर्ष 2026 के लिए अपने वित्तीय नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का नेट लॉस बढ़कर **₹179.42 लाख** हो गया है, जबकि कंपनी अब **₹30 करोड़** के फंड जुटाने और डिस्ट्रेस्ड एसेट्स (distressed assets) के कारोबार में उतरने की तैयारी कर रही है।
बिगड़ते फाइनेंशियल नंबर्स
कंपनी के लिए पिछला साल चुनौतीपूर्ण रहा है। वित्त वर्ष 2026 में Purshottam Investofin का नेट लॉस पिछले साल के ₹36.84 लाख से बढ़कर ₹179.42 लाख पर पहुंच गया है। वहीं, कंपनी का कुल रेवेन्यू भी घटकर ₹717.92 लाख रह गया, जो पिछले फाइनेंशियल ईयर में ₹773.17 लाख था।
नई रणनीति: डिस्ट्रेस्ड एसेट्स पर दांव
अपनी पूंजी को मजबूत करने के लिए कंपनी ने हाल ही में प्राइवेट प्लेसमेंट के जरिए ₹30 करोड़ के नॉन-कंवर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) जारी किए हैं। कंपनी अब अपने बिजनेस स्कोप को बढ़ाने की तैयारी में है। 30 सितंबर, 2026 को होने वाली 37वीं AGM में शेयरधारकों से कंपनी के 'ऑब्जेक्ट क्लॉज' में बदलाव करने के लिए वोटिंग कराई जाएगी, ताकि कंपनी बुक डेब्ट और स्ट्रेस्ड एसेट्स की खरीद-फरोख्त कर सके।
बदलाव और गवर्नेंस
- लीडरशिप: दिसंबर 2025 में रवि कुमार पुरोहित को कंपनी का नया CFO नियुक्त किया गया है।
- ट्रांजैक्शन: कंपनी Prabhusar Algotech Private Limited के साथ ₹7 करोड़ तक के ट्रांजैक्शन की पुष्टि के लिए शेयरधारकों से मंजूरी मांगेगी।
निवेशकों के लिए जोखिम
कंपनी का बढ़ता हुआ नेट लॉस और घटती आमदनी निवेशकों के लिए चिंता का विषय है। इसके अलावा, डिस्ट्रेस्ड एसेट्स के कारोबार में उतरना जोखिम भरा कदम हो सकता है, क्योंकि इसमें एग्जीक्यूशन रिस्क अधिक होता है। अब निवेशकों की नजर AGM में होने वाली विशेष रेजोल्यूशन की वोटिंग पर टिकी है, जो कंपनी की भविष्य की दिशा तय करेगी।
