Purple Finance ने अपने ताजा ऑपरेशनल आंकड़े जारी किए हैं। सितंबर 2026 तक कंपनी ने ₹373 करोड़ का कुल डिस्बर्समेंट और ₹329 करोड़ का AUM दर्ज किया है। कंपनी MSME सेक्टर में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए तीन नए लोन प्रोडक्ट लेकर आई है और अब इसके पास 200 से ज्यादा ब्रांचों का नेटवर्क है।
MSME लैंडिंग में दमदार ग्रोथ
सितंबर 2026 के आंकड़ों के मुताबिक, Purple Finance का स्टैंडअलोन डिस्बर्समेंट ₹373 करोड़ रहा है, जबकि इसका AUM ₹329 करोड़ तक पहुंच गया है। कंपनी की सब्सिडियरी, Saksham Gram Credit का प्रदर्शन भी काफी मजबूत है, जिसका AUM ₹595 करोड़ के पार निकल गया है।
नई प्रोडक्ट रेंज और तकनीक का सहारा
कंपनी ने बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए तीन नए लोन प्रोडक्ट पेश किए हैं:
- Purple SARAL: ₹2 लाख तक का कोलैटरल-फ्री लोन।
- Saksham LAP: ₹4 लाख तक का लोन।
- NBFC ग्रोथ लोन: ₹2 करोड़ तक की क्रेडिट सुविधा।
मैनेजमेंट का दावा है कि उनके टेक-इनेबल्ड प्लेटफॉर्म के जरिए ग्राहकों को 5 घंटे से कम समय में 'सॉफ्ट अप्रूवल' मिल जाता है, जो इस सेक्टर में एक बड़ा बदलाव है।
रिस्क और आगे की चुनौतियां
कंपनी का Gross NPA 2.40% है। जैसे-जैसे कंपनी नए और हाई-यील्ड प्रोडक्ट्स के साथ विस्तार कर रही है, एसेट क्वालिटी को मेंटेन रखना एक बड़ी चुनौती होगी। इसके अलावा, निवेशकों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि कंपनी कैसे खुद को 'स्मॉल फाइनेंस बैंक' (Small Finance Bank) के रेगुलेटरी मानकों के अनुरूप ढालती है।
फिलहाल, कंपनी का फोकस 300 जिलों में अपनी पहुंच बनाने और 1.64 लाख से अधिक ग्राहकों के बेस को संभालने पर है। निवेशकों को आने वाले समय में कंपनी के नए लोन प्रोडक्ट्स की ग्रोथ और NPA डेटा पर नजर रखनी चाहिए।
