Purple Finance Open Offer: 26% हिस्सेदारी, ₹55 प्रति शेयर, 1-14 जुलाई तक बिड

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Purple Finance Open Offer: 26% हिस्सेदारी, ₹55 प्रति शेयर, 1-14 जुलाई तक बिड

Purple Finance Ltd में ओपन ऑफर (Open Offer) चल रहा है। Allied Commodities और Sandeep Jindal मिलकर **26%** हिस्सेदारी ₹55 प्रति शेयर के भाव से खरीद रहे हैं। यह बिडिंग 1 जुलाई से 14 जुलाई 2026 तक चलेगी।

Purple Finance का बड़ा दांव!

Purple Finance Ltd में फिलहाल एक बड़ा ओपन ऑफर (Open Offer) चल रहा है, जिसे Allied Commodities Pvt Ltd और मिस्टर संदीप जिंदल लीड कर रहे हैं। वे कंपनी की 26% उभरती हुई वोटिंग कैपिटल पर 1,76,48,152 शेयर खरीदना चाहते हैं। हर शेयर का भाव ₹55.00 तय किया गया है, और इस पूरे सौदे की वैल्यू यानी एस्क्रो वैल्यू (Escrow Value) ₹31.24 करोड़ है।

क्यों है यह अहम?

यह ओपन ऑफर Purple Finance Ltd के मौजूदा शेयरधारकों (Shareholders) के लिए अपने निवेश से बाहर निकलने का एक शानदार मौका है, वो भी एक तय भाव पर। खरीदार अपनी स्थिति मजबूत करना चाहते हैं और फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर में अपनी पकड़ बढ़ाना चाहते हैं। SEBI के नियमों के तहत, स्वतंत्र निदेशकों (Independent Directors) की समिति ने ₹55.00 के ऑफर प्राइस को उचित और वाजिब माना है।

पीछे की कहानी

यह अधिग्रहण स्टॉक एक्सचेंजों पर 'Acquisition Window' के जरिए किया जा रहा है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) से जरूरी मंजूरी 03 जून 2026 तक मिल चुकी थी। लेटर ऑफ ऑफर (Letter of Offer) शेयरधारकों को 23 जून 2026 को भेज दिया गया था। मैनेजमेंट ने पुष्टि की है कि 31 दिसंबर 2025 तक खरीदारों पर कोई बड़ा आकस्मिक दायित्व (contingent liabilities) नहीं है।

आगे क्या होगा?

ओपन ऑफर के लिए बिडिंग का समय 01 जुलाई 2026 से शुरू होकर 14 जुलाई 2026 को खत्म होगा। जो शेयरधारक इसमें हिस्सा लेना चाहते हैं, उन्हें अपने ब्रोकर्स के जरिए इसी समय-सीमा के अंदर अपने शेयर सबमिट करने होंगे। शेयरधारकों को पेमेंट 28 जुलाई 2026 तक कर दिया जाएगा।

ध्यान रखने योग्य जोखिम

शेयरधारकों को सलाह दी जाती है कि वे लेटर ऑफ ऑफर (Letter of Offer) को ध्यान से पढ़ें और अपने ब्रोकर्स से सलाह लें। सबसे बड़ा जोखिम यह है कि तय समय-सीमा के अंदर बिड न करने पर, वे ₹55 के तय भाव पर बाहर निकलने का मौका गवां देंगे।

क्या होगी अगली बड़ी खबर?

निवेशकों को ओपन ऑफर के एक्सेप्टेंस रेश्यो (acceptance ratio) पर नजर रखनी चाहिए। साथ ही, अधिग्रहण पूरा होने के बाद Purple Finance Ltd की तरफ से भविष्य की बिजनेस स्ट्रेटेजी (business strategy) को लेकर आने वाली घोषणाओं पर भी ध्यान देना होगा।

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