Purple Finance के शेयरधारकों के लिए बड़ी खबर है। कंपनी ने **4 नवंबर 2026** को अपनी फाइनेंस कमिटी की मीटिंग बुलाई है, जिसमें फंड जुटाने के विभिन्न विकल्पों पर चर्चा की जाएगी।
फंड जुटाने की बड़ी योजना
Purple Finance अपनी कैपिटल बेस को मजबूत करने के लिए नए विकल्पों पर विचार कर रही है। कंपनी के बोर्ड ने 4 नवंबर 2026 को फाइनेंस कमिटी की मीटिंग तय की है, जिसमें फंड जुटाने के कई रास्तों पर मंथन होगा। इसमें इक्विटी शेयर्स, प्रेफरेंस शेयर्स, वारंट्स और डिबेंचर्स जैसे विकल्प शामिल हैं।
निवेशकों के लिए क्यों जरूरी है?
कंपनी ने BSE को दी गई जानकारी में बताया है कि वे राइट्स इश्यू, क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशन्स प्लेसमेंट (QIP) और प्रेफरेंशियल इश्यू जैसे माध्यमों पर गौर कर रहे हैं। यह कदम कंपनी के लिए लिक्विडिटी बढ़ाने और लोन बुक के विस्तार के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।
ट्रेडिंग विंडो और आगे की राह
कॉरपोरेट गवर्नेंस नियमों के तहत, कंपनी के इनसाइडर्स और डेजिग्नेटेड व्यक्तियों के लिए ट्रेडिंग विंडो बंद कर दी गई है। यह पाबंदी मीटिंग के नतीजों के सार्वजनिक होने के 48 घंटे बाद तक लागू रहेगी। निवेशकों को अब इस पर नजर रखनी चाहिए कि कंपनी अंत में कौन सा रास्ता चुनती है, क्योंकि इससे शेयर के डाइल्यूशन (dilution) पर सीधा असर पड़ सकता है।
