Purple Finance ने FY26 में घाटा कम किया, रेवेन्यू में जोरदार उछाल
Purple Finance Ltd. ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए अपने नतीजे घोषित किए हैं। कंपनी का नेट लॉस टैक्स के बाद 58.6% घटकर ₹6.44 करोड़ रह गया है। वहीं, ऑपरेशंस से होने वाली रेवेन्यू में 223.7% का जबरदस्त इजाफा हुआ और यह ₹47.65 करोड़ पर पहुंच गई। पिछले साल के मुकाबले रेवेन्यू में ₹14.72 करोड़ से यह बड़ी छलांग है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है?
रेवेन्यू में आई यह भारी ग्रोथ कंपनी के बिजनेस स्केल करने में सफलता को दर्शाती है। वहीं, नेट लॉस में आई कमी यह बताती है कि कंपनी अपने ऑपरेशंस को प्रॉफिटेबल बनाने की दिशा में सही जा रही है। कंपनी का एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) ₹249.01 करोड़ तक पहुंच गया है और ब्रांच नेटवर्क बढ़कर 46 हो गया है। यह सब कंपनी के विस्तार को दिखाता है। सबसे खास बात यह है कि कंपनी स्मॉल फाइनेंस बैंक बनने की महत्वाकांक्षा रखती है, जो निवेशकों के लिए एक बड़ा गेम चेंजर साबित हो सकता है।
पूरी कहानी
FY 2024-25 में Purple Finance का नेट लॉस ₹15.55 करोड़ था और रेवेन्यू केवल ₹14.72 करोड़ था। कंपनी ने पिछले साल टेक्नोलॉजी और मानव संसाधन पर काफी निवेश किया, जिस कारण कुल खर्च बढ़कर FY26 में ₹56.96 करोड़ हो गया, जो पिछले साल ₹35.37 करोड़ था।
अब क्या बदलेगा?
बेहतर रेवेन्यू और कम घाटे के साथ, कंपनी प्रॉफिटेबिलिटी की राह पर है। कंपनी 'फिजिकल' और 'डिजिटल' (phy-gital) मॉडल पर ध्यान दे रही है और अपना खुद का लोन ओरिजिनेशन सिस्टम (LOS) विकसित कर रही है, जिससे काम में तेजी आएगी। जून 2025 में IRDAI से कॉर्पोरेट एजेंट लाइसेंस मिलने से कंपनी की आय के नए रास्ते खुलेंगे।
जोखिम जिन पर नजर रखें
एक बड़ा जोखिम यह है कि कंपनी की फंडिंग बड़े क्रेडिट मार्केट पर निर्भर है, क्योंकि उसके पास सस्ते रिटेल डिपॉजिट तक पहुंच नहीं है। इससे Purple Finance को इंटरेस्ट रेट और लिक्विडिटी का रिस्क झेलना पड़ सकता है। इसके अलावा, BSE Limited से ₹11,800 का दो बार का फाइन (SOP fines) भी लगा है, इसलिए निवेशकों को कंप्लायंस और ऑपरेशनल एफिशिएंसी पर नजर रखनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसे जुर्माने से बचा जा सके।
भविष्य में क्या देखें?
निवेशकों को Purple Finance की क्षमता पर नजर रखनी होगी कि वह ग्रोथ को लगातार प्रॉफिट में कैसे बदलती है, फंडिंग कॉस्ट को कैसे मैनेज करती है और लोन पोर्टफोलियो बढ़ने के साथ एसेट क्वालिटी बनाए रखती है। स्मॉल फाइनेंस बैंक बनने की दिशा में कंपनी की प्रगति भी एक अहम डेवलपमेंट होगी।
