Purple Finance Ltd ने लिक्विडिटी बढ़ाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने **11.90%** कूपन रेट पर **₹15 करोड़** के NCD जारी करने और **₹32 करोड़** के लोन पोर्टफोलियो को बेचने की मंजूरी दे दी है।
फंड जुटाने की तैयारी
Purple Finance की फाइनेंस कमेटी ने अपनी बैठक में 15,000 सीनियर, सिक्योर्ड और लिस्टेड NCDs जारी करने पर मुहर लगाई है। प्रत्येक NCD की फेस वैल्यू ₹10,000 है, यानी कुल फंड जुटाने का लक्ष्य ₹15 करोड़ है। इन डिबेंचर्स पर निवेशकों को सालाना 11.90% का ब्याज मिलेगा, जिसका भुगतान मंथली आधार पर किया जाएगा। इनका टेन्योर 30 महीने और 8 दिन का होगा, जो कंपनी की लिक्विडिटी मैनेज करने की स्ट्रैटेजी का हिस्सा है।
लोन पोर्टफोलियो का बंटवारा
डिबेंचर के अलावा कंपनी ने 'डायरेक्ट असाइनमेंट' रूट के जरिए ₹32 करोड़ के लोन पोर्टफोलियो को बेचने का फैसला किया है। इसमें ₹20 करोड़ का नया पोर्टफोलियो सेल शामिल है, जबकि 10 सितंबर को मंजूर किए गए ₹8.74 करोड़ के पुराने सौदे को बढ़ाकर ₹12 करोड़ कर दिया गया है। कंपनी इस सेल के बाद भी 10% हिस्सा अपने पास बरकरार रखेगी और सर्विसिंग का काम जारी रखेगी।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
RBI के नियमों के दायरे में रहकर किया गया यह बदलाव कंपनी के लोन बुक को तेजी से घुमाने (Churn) के लिए है। हालांकि, निवेशकों को कंपनी के नेट इंटरेस्ट मार्जिन पर नजर रखनी चाहिए। चुनौती यह है कि कंपनी 11.90% की लागत पर पैसा जुटा रही है, इसलिए आगे की कमाई के लिए उन्हें बेहतर क्रेडिट क्वालिटी और ऊंचे स्प्रेड वाले लोन बांटने होंगे। आगामी समय में BSE के होलसेल डेट मार्केट में इनके अलॉटमेंट पर सबकी नजर रहेगी।
