Purple Finance ने अपनी ग्रोथ स्ट्रेटेजी को मजबूत करते हुए Saksham Gram Credit Private Limited में **100%** हिस्सेदारी का अधिग्रहण कर लिया है। साथ ही, कंपनी ने प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट के जरिए **₹28.80 करोड़** की पूंजी भी जुटाई है, जिससे उसकी ऑथराइज्ड कैपिटल में भी इजाफा हुआ है।
Purple Finance का अधिग्रहण और कैपिटल बूस्ट
Purple Finance Ltd ने हाल ही में बोर्ड मीटिंग में कुछ अहम फैसले लिए हैं, जिनका मकसद कंपनी के बिजनेस का विस्तार करना और वित्तीय क्षमता को बढ़ाना है।
सबसे पहले, कंपनी ने Saksham Gram Credit Private Limited का 100% अधिग्रहण पूरा किया है। इसके बाद, Saksham Gram Credit Purple Finance की पूरी तरह से अपनी सहायक कंपनी बन जाएगी। यह कदम कंपनी की इनऑर्गेनिक ग्रोथ (Inorganic Growth) यानी बाहरी अधिग्रहण के जरिए विस्तार की रणनीति का हिस्सा है।
इसके अलावा, बोर्ड ने ₹72 प्रति शेयर की दर से 1.40 करोड़ इक्विटी शेयरों के प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट (Preferential Allotment) को भी मंजूरी दे दी है। इस अलॉटमेंट में शेयर स्वैप (Share Swap) और ₹28.80 करोड़ का कैश कंपोनेंट शामिल है।
कंपनी ने इन नए शेयरों को समायोजित करने के लिए अपनी अधिकृत शेयर पूंजी (Authorized Share Capital) को ₹82.60 करोड़ से बढ़ाकर ₹97.60 करोड़ कर दिया है।
यह क्यों अहम है?
Saksham Gram Credit का यह अधिग्रहण Purple Finance की बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करने की मंशा को दिखाता है। वहीं, ₹28.80 करोड़ की यह नई पूंजी कंपनी के वित्तीय संसाधनों को और मजबूत करेगी, जिसका इस्तेमाल भविष्य में विस्तार या अन्य परिचालन जरूरतों के लिए किया जा सकता है।
हालांकि, ध्यान देने वाली बात यह है कि प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट के कारण नए निवेशकों के लिए कंपनी की इक्विटी में करीब 14.82% की हिस्सेदारी का डाइल्यूशन (Dilution) होगा, यानी मौजूदा शेयरधारकों की हिस्सेदारी थोड़ी कम हो जाएगी।
आगे क्या?
इस अधिग्रहण के बाद Saksham Gram Credit, Purple Finance की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी के तौर पर काम करेगी। नए इक्विटी शेयरों के जारी होने से कंपनी की कैपिटल स्ट्रक्चर बदलेगी, जिसका असर मौजूदा शेयरधारकों की हिस्सेदारी पर पड़ेगा।
साथ ही, कंपनी में मिस्टर संदीप जिंदल का पद भी नॉन-एग्जीक्यूटिव नॉन-इंडिपेंडेंट डायरेक्टर से बदलकर होल टाइम डायरेक्टर (Whole Time Director) कर दिया गया है, जो एग्जीक्यूटिव लीडरशिप पर बढ़ते फोकस का संकेत देता है।
जोखिम क्या हैं?
निवेशकों को Saksham Gram Credit के सफल इंटीग्रेशन और Purple Finance के समग्र प्रदर्शन में इसके योगदान पर नजर रखनी चाहिए। इक्विटी डाइल्यूशन के कारण मौजूदा शेयरधारकों के लिए प्रति शेयर आय (EPS) पर अल्पकालिक या मध्यम अवधि में असर पड़ सकता है। नए होल टाइम डायरेक्टर के नेतृत्व में परिचालन योजनाओं का प्रभावी कार्यान्वयन भी महत्वपूर्ण होगा।
