Pulsar International फंड यूटिलाइजेशन और गवर्नेंस जोखिम
राइट्स इश्यू का साइज: ₹35.695 करोड़
पैसों का इस्तेमाल: पूरी तरह से हो गया
निवेशकों के लिए खास: फंड तो लगा दिए गए हैं, लेकिन बिजनेस कंसंट्रेशन और प्रमोटर होल्डिंग में गिरावट जैसे जोखिम बने हुए हैं।
क्या हुआ?
Pulsar International Limited ने बताया है कि उसने अपने ₹35.695 करोड़ के राइट्स इश्यू के पूरे पैसे का इस्तेमाल कर लिया है। इस बात की पुष्टि मॉनिटरिंग एजेंसी CARE Ratings Limited ने की है। बोर्ड ने 26 जनवरी 2026 को फंड के आवंटन में मामूली बदलाव को मंजूरी दी थी, जिसमें जनरल कॉर्पोरेट पर्पज (General Corporate Purposes) से ₹1.64 करोड़ निकालकर इंक्रीमेंटल वर्किंग कैपिटल (Incremental Working Capital) में डाल दिया गया ताकि बढ़ते बिजनेस वॉल्यूम को सपोर्ट किया जा सके।
यह क्यों मायने रखता है?
कंपनी ने फंड तो लगा दिए हैं, लेकिन रिपोर्ट में गुड गवर्नेंस (Good Governance) को लेकर गंभीर चिंताएं जताई गई हैं। इनमें कुछ खास पार्टियों के साथ वर्किंग कैपिटल और जनरल कॉर्पोरेट पर्पज के लिए बहुत ज्यादा लेनदेन, प्रमोटर की शेयरहोल्डिंग में बड़ी गिरावट और राइट्स इश्यू के पैसों को एस्क्रो अकाउंट (Escrow Account) में मैनेज करने के मुद्दे शामिल हैं।
बैकस्टोरी
Pulsar International ने राइट्स इश्यू के जरिए ₹35.695 करोड़ जुटाए थे। शुरूआती प्लान के मुताबिक, इंक्रीमेंटल वर्किंग कैपिटल के लिए ₹13.35 करोड़, जनरल कॉर्पोरेट पर्पज के लिए ₹8.64 करोड़, कोल्ड स्टोरेज फैसिलिटी (Cold Storage Facilities) के लिए ₹5.70 करोड़, कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग (Contract Farming) के लिए ₹7.00 करोड़ और इश्यू से जुड़े खर्चों के लिए ₹1.00 करोड़ आवंटित किए जाने थे।
अब क्या बदलेगा?
कंपनी ने कन्फर्म किया है कि सारा फंड इस्तेमाल हो चुका है। फंड को इंक्रीमेंटल वर्किंग कैपिटल में ट्रांसफर करने का फैसला बिजनेस की जरूरत को पूरा करने के लिए किया गया था। हालांकि, मॉनिटरिंग एजेंसी द्वारा उठाए गए जोखिम अभी भी निवेशकों के लिए ध्यान देने योग्य महत्वपूर्ण बिंदु हैं।
ध्यान देने योग्य जोखिम
रिपोर्ट में खास जोखिमों में 'IFL Enterprise Limited', 'Chamunda Enterprise', और 'BISIL Plast Limited' जैसी पार्टियों के साथ बिजनेस का भारी कंसंट्रेशन शामिल है। प्रमोटर की शेयरहोल्डिंग दिसंबर 2025 में 8.18% से घटकर जनवरी 2026 में 2.53% रह गई है। इसके अलावा, राइट्स इश्यू के फंड को कंपनी के करंट अकाउंट में मिक्स (Comingling) करने पर भी चिंताएं हैं, जिससे स्वतंत्र वेरिफिकेशन मुश्किल हो जाता है। कंप्लायंस (Compliance) से जुड़े लोगों में बार-बार बदलाव भी देखे गए हैं।
आगे क्या देखें?
निवेशकों को कंपनी के फाइनेंशियल डिस्क्लोजर्स (Financial Disclosures) पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए, खासकर कंसंट्रेटेड पार्टियों के साथ लेनदेन कैसे विकसित होता है और प्रमोटर शेयरहोल्डिंग या मैनेजमेंट में कोई और बदलाव होता है या नहीं।
