Prudent Corporate Advisory Services ने H1 FY27 में दमदार प्रदर्शन करते हुए मुनाफे में **39.1%** की बड़ी बढ़त दर्ज की है। कंपनी का मुनाफा **₹146.5 करोड़** रहा है, जिसे रिकॉर्ड **₹4,137 करोड़** की नेट सेल्स का सहारा मिला है।
मुनाफे का गणित और मार्केट का असर
कंपनी के लिए पहली छमाही (H1) काफी शानदार रही है। हालांकि, दूसरी तिमाही (Q2) में नेट प्रॉफिट में 4.1% की मामूली गिरावट देखी गई, जो ₹71.7 करोड़ रही। इसकी मुख्य वजह 'अदर इनकम' में 82% की कमी है, जो डेट और हाइब्रिड पोर्टफोलियो में मार्क-टू-मार्केट (Mark-to-market) नुकसान के कारण हुआ। अगर इस अस्थाई उतार-चढ़ाव को अलग कर दें, तो कोर बिजनेस में 45% (YoY) की मजबूत ग्रोथ दिख रही है।
बिजनेस में दम
कंपनी का कोर बिजनेस तेजी से बढ़ रहा है:
- नेट सेल्स: अब तक की सबसे ऊंची ₹4,137 करोड़ रही।
- SIP बुक: मंथली ₹1,272 करोड़ के साथ मजबूत है।
- ऑपरेटिंग मार्जिन: 80 बेसिस पॉइंट्स सुधरकर 26.4% पर पहुंच गया है।
- डिस्ट्रिब्यूटर्स: पहली छमाही में 3,541 नए डिस्ट्रिब्यूटर्स जुड़े हैं, जो सालाना आधार पर 30% की बढ़त है।
भविष्य की रणनीति और जोखिम
प्रूडेंट अब अपनी सब्सिडियरी 'Prudent Asset Management' के जरिए अप्रैल 2027 में PMS लाइसेंस लॉन्च करने की तैयारी में है। हालांकि, निवेशकों को बीमा डिस्ट्रीब्यूशन से जुड़े नए रेगुलेशंस पर नजर रखनी चाहिए। फिलहाल कंपनी के मुनाफे का 12% हिस्सा इंश्योरेंस बिजनेस से आता है, और किसी भी नए नियम का असर इस पर पड़ सकता है। मैनेजमेंट को उम्मीद है कि इंडस्ट्री की बात सरकार सुनेगी और समाधान निकलेगा।
आने वाले समय में कंपनी का PMS लॉन्च और मार्जिन की रफ्तार ही शेयर की चाल तय करेगी।
