Prism Finance का घाटा क्यों बढ़ा?
Prism Finance Limited ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए ₹3.54 करोड़ का नेट लॉस (Net Loss) बताया है। पिछले फाइनेंशियल ईयर में यह घाटा ₹1.01 करोड़ था, यानी नुकसान दोगुना से भी ज्यादा हो गया है।
रेवेन्यू में भी आई गिरावट
कंपनी के रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस (Revenue from operations) में भी 7.96% की गिरावट दर्ज की गई है। FY26 में यह घटकर ₹5.26 करोड़ रह गया, जबकि FY25 में यह ₹5.71 करोड़ था। इसके चलते कंपनी का बेसिक EPS (Earnings Per Share) भी ₹-5.45 से गिरकर ₹-1.57 पर आ गया है।
चिंताजनक ऑपरेटिंग कैश फ्लो
सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि कंपनी का ऑपरेटिंग कैश फ्लो (Operating Cash Flow) नेगेटिव हो गया है। FY26 में यह ₹0.65 करोड़ के आउटफ्लो में चला गया, जबकि पिछले साल यह ₹1.04 करोड़ के इनफ्लो में था। इसका मतलब है कि कंपनी अपने मुख्य कामकाज से पैसा बनाने में संघर्ष कर रही है, जो तरलता (Liquidity) को लेकर सवाल खड़े करता है।
आगे क्या?
निवेशक अब कंपनी की उन रणनीतियों पर नजर रखेंगे जिनसे रेवेन्यू बढ़ाया जा सके और घाटे को कम किया जा सके। मैनेजमेंट को नेगेटिव ऑपरेटिंग कैश फ्लो को सुधारने के लिए तुरंत कदम उठाने होंगे ताकि वित्तीय स्थिरता बनी रहे। हाल ही में कंपनी ने एक नए सेक्रेटेरियल ऑडिटर, M/s. Kashyap R. Mehta & Partners को नियुक्त किया है, जो पिछले ऑडिटर के इस्तीफे के बाद हुआ है।
जोखिम
Prism Finance के लिए मुख्य जोखिमों में रेवेन्यू बढ़ाने, खर्चों को नियंत्रित कर घाटा कम करने और सबसे महत्वपूर्ण, अपने ऑपरेशंस से पॉजिटिव कैश फ्लो वापस लाने की क्षमता शामिल है। फाइनेंस और इन्वेस्टमेंट सेक्टर में काम करने वाली कंपनी होने के नाते, यह सेक्टर-विशिष्ट रेगुलेटरी और मार्केट जोखिमों के प्रति भी संवेदनशील है।
वित्तीय स्थिति
31 मार्च 2026 तक, Prism Finance की कुल संपत्ति (Total Assets) ₹19.11 करोड़ और कुल इक्विटी (Total Equity) ₹18.58 करोड़ थी।
