Lloyds Engineering Works Limited (LEWL) ने Steel Infra Solutions Company Limited (SISCOL) में कंट्रोलिंग स्टेक का अधिग्रहण पूरा कर लिया है। इस बड़ी डील में Prime Securities Limited ने एक्सक्लूसिव इन्वेस्टमेंट बैंकर (Exclusive Investment Banker) के तौर पर अहम भूमिका निभाई है। सौदे का कुल मूल्य लगभग **₹1,220 करोड़** है।
Prime Securities की सलाहकार के तौर पर सफलता!
यह ट्रांजैक्शन Prime Securities के लिए एक बड़ी जीत है, जो इंफ्रास्ट्रक्चर (Infrastructure) और इंजीनियरिंग (Engineering) सेक्टर में बड़े M&A (Mergers and Acquisitions) सौदों को संभालने की उनकी क्षमता को दर्शाता है। उम्मीद है कि इस अधिग्रहण से स्टील फैब्रिकेशन (Steel Fabrication) और EPC (Engineering, Procurement, and Construction) स्पेस में कंसॉलिडेशन (Consolidation) और कैपेसिटी एक्सपेंशन (Capacity Expansion) को बढ़ावा मिलेगा, जिससे इन्वेस्टमेंट बैंक्स (Investment Banks) के लिए नए मौके बनेंगे।
SISCOL और LEWL की पूरी कहानी
SISCOL इंजीनियरिंग और स्ट्रक्चरल स्टील फैब्रिकेशन के क्षेत्र में एक स्थापित कंपनी है। फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) के लिए, कंपनी का ऑपरेटिंग रेवेन्यू (Operating Revenue) ₹817 करोड़ रहा, जबकि प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) ₹44 करोड़ दर्ज किया गया। वहीं, कंपनी के पास ₹1,134 करोड़ का ऑर्डर बुक (Order Book) है। दूसरी ओर, LEWL, जो इंफ्रास्ट्रक्चर सॉल्यूशंस प्रोवाइडर (Infrastructure Solutions Provider) है, उसने भी काफी ग्रोथ दिखाई है। कंपनी का मौजूदा रेवेन्यू ₹3,000 करोड़ है और ऑर्डर बुक ₹8,000 करोड़ की है।
आगे क्या बदलेगा?
इस अधिग्रहण के बाद, LEWL की योजना SISCOL की फैब्रिकेशन कैपेसिटी (Fabrication Capacity) को मौजूदा 100,000 MTPA (Metric Tonnes Per Annum) से बढ़ाकर 200,000 MTPA करने की है। दोनों कंपनियों की ताकतों को मिलाकर बड़े इंफ्रा प्रोजेक्ट्स को टारगेट करने और ऑपरेशनल सिनर्जी (Operational Synergies) को अनलॉक करने का लक्ष्य है।
किन जोखिमों पर रखें नजर?
निवेशकों को SISCOL के LEWL में सफल इंटीग्रेशन (Integration), कैपेसिटी एक्सपेंशन की योजनाओं का एग्जीक्यूशन (Execution) और अनुमानित सिनर्जी को हासिल करने पर बारीकी से नज़र रखनी चाहिए। भविष्य के कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capital Expenditure) और प्रोजेक्ट मैनेजमेंट (Project Management) की एफिशिएंसी (Efficiency) प्रमुख परफॉरमेंस इंडिकेटर्स (Key Performance Indicators) होंगे।
पीयर कंपैरिजन (Peer Comparison)
हालांकि इस सौदे में विशेष पीयर M&A वैल्यूएशन (Peer M&A Valuations) का जिक्र नहीं है, लेकिन SISCOL के लिए ₹1,220 करोड़ का वैल्यूएशन इस ट्रांजैक्शन के बड़े स्केल को दिखाता है। LEWL का मार्केट कैपिटलाइजेशन (Market Capitalization) ₹12,800 करोड़ है, जो इंफ्रा सेक्टर में इसकी मजबूत पकड़ को दर्शाता है।
महत्वपूर्ण नंबर्स (Context Metrics)
- ट्रांजैक्शन वैल्यूएशन: ₹1,220 करोड़
- SISCOL FY26 के आंकड़े: ऑपरेटिंग रेवेन्यू ₹817 करोड़, EBITDA ₹92 करोड़, PAT ₹44 करोड़, ऑर्डर बुक ₹1,134 करोड़।
- LEWL के आंकड़े: करेंट रेवेन्यू ₹3,000 करोड़, रेवेन्यू (FY19) ₹98 करोड़, करेंट ऑर्डर बुक ₹8,000 करोड़, मार्केट कैपिटलाइजेशन ₹12,800 करोड़।
- SISCOL कैपेसिटी: 100,000 MTPA से दोगुनी होकर 200,000 MTPA की जाएगी।
आगे क्या देखें?
निवेशकों को Prime Securities के फ्यूचर डील पाइपलाइन (Deal Pipeline) पर नजर रखनी चाहिए, खासकर इंफ्रास्ट्रक्चर और EPC सेक्टर्स में। LEWL के लिए, SISCOL की कैपेसिटी एक्सपेंशन और इंटीग्रेशन की प्रगति पर नज़र रखना महत्वपूर्ण होगा।
