Piramal Finance ने अपना QIP (Qualified Institutions Placement) सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है, जिससे कंपनी ने **₹2,110** प्रति शेयर की दर से **₹2,100 करोड़** जुटाए हैं।
फंड जुटाने की बड़ी योजना
कंपनी ने 24 अगस्त से 28 अगस्त, 2026 के बीच इस पूरी प्रक्रिया को अंजाम दिया है। इस दौरान 99,52,606 नए इक्विटी शेयर जारी किए गए। यह ₹2,100 करोड़ का फंड जुटाना कंपनी की ₹3,850 करोड़ की कुल पूंजी जुटाने की योजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसमें प्रमोटर ग्रुप को ₹1,750 करोड़ के वारंट जारी करने का प्रस्ताव भी शामिल है, जिसे अभी रेगुलेटरी मंजूरियों का इंतजार है।
क्यों अहम है यह कदम?
जून 2026 तक कंपनी का AUM ₹1,00,000 करोड़ के पार निकल चुका है। ऐसे में यह नई पूंजी कंपनी की बैलेंस शीट को मजबूत करेगी और रिटेल-लेड लेंडिंग बिजनेस को विस्तार देने में मदद करेगी। इससे कंपनी मार्केट में आने वाली किसी भी अस्थिरता (volatility) से निपटने के लिए बेहतर स्थिति में होगी।
बड़े निवेशकों का भरोसा
इस QIP में घरेलू और ग्लोबल निवेशकों ने जमकर रुचि दिखाई। इसमें ICICI Prudential, Nippon India, Kotak, Quant, Axis, Motilal Oswal, Tata, Franklin Templeton और Aditya Birla Sun Life जैसे म्यूचुअल फंड्स के साथ-साथ BlackRock और Goldman Sachs Asset Management जैसे ग्लोबल दिग्गज भी शामिल रहे।
निवेशकों के लिए सावधानी
निवेशकों को इस पर गौर करना चाहिए कि QIP के बाद कंपनी की पेड-अप इक्विटी शेयर कैपिटल ₹45.34 करोड़ से बढ़कर ₹47.33 करोड़ हो गई है। भविष्य में प्रमोटर वारंट्स के कन्वर्जन से इक्विटी डायल्यूशन की संभावना बनी रहेगी, जिसका असर अर्निंग्स पर शेयर (EPS) पर पड़ सकता है। अब सभी की नजरें कंपनी की अगली एक्स्ट्राऑर्डिनरी जनरल मीटिंग (EGM) पर टिकी हैं।
